गुभाना/सिमरन मोरया/- गुभाना गांव स्थित लोकहित पुस्तकालय में भारतीय राष्ट्रगान के रचयिता और महान साहित्यकार रविंद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने रविंद्रनाथ टैगोर के जीवन और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि टैगोर ने साहित्य, संगीत और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनकी रचनाओं का प्रभाव भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में देखने को मिलता है।
नरेश कौशिक ने बताया कि रविंद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में बड़ी संख्या में कविताएं, उपन्यास, कहानियां, गीत और लेख लिखे। साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे एशिया के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता थे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने टैगोर की साहित्यिक उपलब्धियों और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश के महान साहित्यकारों और उनके योगदान के बारे में जानने का अवसर देते हैं।
इस मौके पर सूबेदार मेजर सुरेश कुमार, जय भगवान प्रधान, पहलवान रामकुमार, विशेष, दीपक कौशिक, फूल कुमार सहित समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


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