नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/द्वारका/- यूरोप में आयोजित 24 देशों की अंतरराष्ट्रीय वुशू चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लौटी दिल्ली देहात के नजफगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव झाड़ौदा की बेटी केशवी डागर का गांव में भव्य एवं ऐतिहासिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अपनी लाडली बेटी की स्वर्णिम उपलब्धि पर पूरा झाड़ौदा गांव गौरवान्वित नजर आया और सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा, खिलाड़ी, कोच, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े गणमान्य लोग पहुंचे।

गांव स्थित पवित्र बाबा हरिदास मंदिर प्रांगण में आयोजित सम्मान समारोह का शुभारंभ प्रातः हवन यज्ञ के साथ हुआ। कार्यक्रम में पहुंची नजफगढ़ विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक नीलम कृष्ण पहलवान ने हवन-यज्ञ में आहुति डालकर केशवी डागर के उज्वल भविष्य की कामना की तथा स्वर्ण पदक जीतकर देश, प्रदेश, परिवार और गांव का नाम रोशन करने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं
सुबह आयोजित हवन-यज्ञ में गांव के गणमान्य नागरिकों एवं उपस्थित लोगों ने आहुति डालकर केशवी डागर के उज्वल भविष्य की कामना की। वातावरण में देशभक्ति और गर्व का भाव देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की बेटी द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।

कार्यक्रम का मंच संचालन बिट्टू डागर ने किया। उन्होंने केशवी डागर की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए बताया कि यूरोप में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय वुशू प्रतियोगिता में करीब 24 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जहां केशवी डागर ने अपने शानदार प्रदर्शन से स्वर्ण पदक हासिल कर
विजय जुलूस के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं अपनी गांव की बेटी की उपलब्धि पर गर्व
विजय जुलूस के बाद बाबा हरिदास मंदिर के पवित्र प्रांगण में मुख्य सम्मान समारोह आयोजित हुआ। मंच पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, विभिन्न खेलों के कोच एवं खिलाड़ियों तथा वुशू संगठन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
गांव की स्वागत समिति, हरिदास मंदिर कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों तथा गांव के बुजुर्गों ने कार्यक्रम में पहुंचे विशिष्ट अतिथियों का पगड़ी बांधकर, पटका पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। इसके साथ ही केशवी डागर का बुके, लोई, फूलों की मालाओं और नगद धनराशि भेंट कर अभिनंदन किया गया। सम्मान समारोह के दौरान ग्रामीणों ने अपनी लाडली बेटी के प्रति सम्मान और प्यार का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक लाख रुपये के नोटों की माला पहनाकर केशवी डागर का भव्य अभिनंदन किया।
माता-पिता और कोच को दिया सफलता का श्रेय
केशवी डागर की इस शानदार उपलब्धि पर ग्रामीणों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्वर्ण पदक जीतना केवल केशवी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उसके माता-पिता, कोच, गांव और पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
केशवी डागर ने अपने प्रदर्शन से अपने पिता जय भगवान डागर, अपने परिवार, गांव झाड़ौदा और अपने कोच मुनि लांबा का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने कहा कि केशवी की मेहनत और सफलता क्षेत्र की अन्य बेटियों एवं युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। कोच मुनि लांबा ने वुशू संगठन
सम्मान समारोह में उपस्थित गणमान्य लोगों ने कहा कि गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की है। केशवी डागर की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का तिरंगा लहरा सकती हैं।


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