जम्मू-कश्मीर/सिमरन मोरया/- घरेलू क्रिकेट में जम्मू-कश्मीर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बंगाल के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 2013-14 सीजन के बाद पहली बार टीम ने इतने बड़े स्तर पर सफलता हासिल की है। उस सीजन में टीम ने एक दशक से अधिक समय बाद नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई किया था। मैच के तीसरे दिन मंगलवार को स्टंप्स तक जम्मू-कश्मीर का स्कोर 43/2 था।
टीम को अभी जीत के लिए और रन बनाने थे, लेकिन चौथे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रात के नाबाद बल्लेबाज शुभम पुंडीर 27 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि कप्तान पारस डोगरा भी सिर्फ 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इससे टीम पर दबाव बढ़ गया।
अब्दुल समद ने ली जिम्मेदारी
ऐसे मुश्किल समय में वंशज शर्मा और अब्दुल समद ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए 55 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया और टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचा दिया। वंशज शर्मा 43 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि अब्दुल समद ने 30 रन की अहम पारी खेली और अंत तक डटे रहे। दोनों की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने 34.4 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 126 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया।
जम्मू-कश्मीर ने दी बंगाल को मजबूत टक्कर
बंगाल की टीम ने पहली पारी में 328 रन बनाए थे। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर ने 302 रन बनाकर मजबूत टक्कर दी। दूसरी पारी में बंगाल की टीम 25.1 ओवर में 99 रन पर सिमट गई, जिससे जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए अप्राकृत आसान लक्ष्य मिला। इस जीत के साथ जम्मू-कश्मीर की टीम ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने और मुकाबला जीतने की क्षमता रखती है। टीम के युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देता है। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह जीत लंबे समय तक यादगार रहेगी।


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