बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में बरी

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September 17, 2026

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-राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला: सबूतों के आधार पर पूर्व WFI अध्यक्ष और सह-आरोपी विनोद तोमर को मिली राहत

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-   दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। अदालत ने इस मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर को भी सभी आरोपों से राहत देते हुए बरी कर दिया।

यह आदेश राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने सुनाया। यह मामला छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा था। शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू की थी।

फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह?
अदालत से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब उन पर आरोप लगाए गए थे, तभी उन्होंने कहा था कि यदि आरोप साबित हो जाते हैं तो वह इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि अदालत ने उन्हें सम्मानपूर्वक बरी किया है और वह न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करते हैं।

क्या था मामला?
यह मामला उन आरोपों से जुड़ा था, जिनमें छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। इन शिकायतों के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना और देश के कई नामी पहलवानों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।

अदालत का फैसला
सभी पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया। अदालत के विस्तृत आदेश में फैसले के कानूनी आधार का उल्लेख किया गया है।

मामले का प्रभाव
यह मामला भारतीय खेल जगत के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा। फैसले के बाद एक ओर जहां बृजभूषण शरण सिंह ने इसे न्याय की जीत बताया, वहीं इस मामले को लेकर आगे भी सार्वजनिक और कानूनी स्तर पर चर्चा जारी रह सकती है।

फिलहाल अदालत के इस फैसले के साथ इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को राहत मिल गई है।

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