आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर उत्तराखंड!

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September 17, 2026

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-जागेश्वर, त्रियुगीनारायण, कैंची धाम और चारधाम में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या, धामी सरकार ने विकास कार्यों को दी गति

देहरादून/सिमरन मोरया/-  उत्तराखंड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा के साथ-साथ राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली छमाही में अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम और रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या लगभग ढाई गुना बढ़ी है। वहीं धारी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या करीब दोगुनी और पूर्णागिरि धाम में लगभग डेढ़ गुना बढ़ी है।

चारधाम यात्रा भी इस वर्ष नए रिकॉर्ड बना रही है। यात्रा के 105 दिनों में 45 लाख 84 हजार 375 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। वहीं बद्रीनाथ धाम में यात्रा के पहले 100 दिनों में 15 लाख 52 हजार 21 श्रद्धालु पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 11 हजार से अधिक हैं।

यमुनोत्री धाम ने भी नया इतिहास रच दिया है। कठिन यात्रा मार्ग होने के बावजूद 2 अगस्त तक 6 लाख 54 हजार 958 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं, जो धाम के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

रुद्रप्रयाग स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर में इस वर्ष जनवरी से जून के बीच 3 लाख 40 हजार 385 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 1 लाख 36 हजार 120 थी। इसी तरह जागेश्वर धाम में इस वर्ष 1 लाख 74 हजार 119 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 67 हजार 875 थी।

चंपावत के पूर्णागिरि धाम में जनवरी से जून के बीच 20 लाख 91 हजार 788 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि धारी देवी मंदिर में यह आंकड़ा 5 लाख 42 हजार 626 तक पहुंच गया। दोनों स्थानों पर पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

नैनीताल जिले का प्रसिद्ध कैंची धाम भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष जनवरी से जून के बीच यहां 24 लाख 34 हजार 507 श्रद्धालु पहुंचे। इनमें अकेले जून महीने में 8 लाख 66 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए।

वहीं पिथौरागढ़ स्थित आदि कैलाश धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष यात्रा शुरू होने के दो महीनों में ही 52 हजार 441 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार रिकॉर्ड वृद्धि देखी जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंदिरों के विकास, सड़क संपर्क, पेयजल, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है, ताकि प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके।

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