महिलाएं जागरूक हों और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें – उपायुक्त डा. यश गर्ग

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महिलाएं जागरूक हों और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें – उपायुक्त डा. यश गर्ग

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गुरूग्राम/नई दिल्ली/प्रदीप यादव/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गुरूग्राम के राजकीय कन्या महाविद्यालय सैक्टर-14 में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त डा. यश गर्ग ने की। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले 36 महिलाओं को उपायुक्त द्वारा सम्मानित भी किया गया।
        इस मौके पर अपने विचार रखते हुए गुरूग्राम के उपायुक्त डा. यश गर्ग ने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का थीम ‘चूज टू चैलेंज‘ अर्थात् ‘चुनौतियों को स्वीकारें’ था। उन्होंने कहा कि प्रशासक के तौर पर वे जिला गुरूग्राम में महिलाओं को आगे बढने के पूरे अवसर प्रदान करेंगे। अपनी कामयाबी का श्रेय अपनी मां को देते हुए डा. गर्ग ने कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं उसमें मेरी मां का अहम योगदान है। मैंने एमबीबीएस की और उसके बाद प्रशासनिक सेवा में आ गया लेकिन मेरी पत्नी ने एमबीबीएस के बाद उच्च चिकित्सा शिक्षा हासिल की। वे मुझसे ज्यादा शिक्षित हैं और मेरे जीवन में अब उनका अहम रोल है।
       उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, चाहे खेलों में मैडल लाने की बात हो, हमारे देश के लिए महिला खिलाड़ी ज्यादा मैडल जीतकर लाई। बोर्ड की परीक्षाओ में भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़को से बेहत्तर रहता है। डा. गर्ग ने कहा कि हमें महिलाओं के लिए कुछ विशेष नहीं करना, केवल उन्हें समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आमतौर पर हम पुरूषों और महिलाओं के अलग-अलग काम निर्धारित कर देते हैं, जोकि गलत है। यह केवल हमारे ही देश में होता है, बाकि देशों में ऐसे काम का निर्धारण नहीं होता। उन्होंने उपस्थित महिलाओं का आह्वान किया कि वे अपने घर में बच्च्चो की परवरिश किस प्रकार से करें कि कामों का बंटवारा लिंग के आधार पर ना हो। घर की साफ-सफाई से लेकर खाना बनाने तक का काम लड़के भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान ने सबको एक जैसी क्षमता के साथ भेजा है और इस क्षमता का उनको सभी क्षेत्रों में प्रदर्शन करना है, तभी एक ऐसे समाज की रचना होगी जिसमें लैंगिग भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास गवाह है कि नारी ने पहले भी समाज मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अपने संबोधन में उपायुक्त डा. गर्ग ने महिलाओं को दो विषयों पर विशेष रूप से ध्यान देने की अपील की। एक तो महिलाओं में जागरूकता लाना तथा दूसरा विषय है स्वास्थ्य। उन्होंने कहा कि आज लगभग 60 से 70 प्रतिशत महिलाओं में एनीमिया अर्थात् खून की कमी पाई जाती है जोकि चिंता का विषय है। मातृत्व मृत्यु दर को भी हमें एकजुटता के साथ प्रयास करते हुए शून्य पर लाना है। उन्होंने कहा कि एक जागरूक व स्वस्थ नारी ही परिवार तथा समाज को आगे ले जा सकती है। हम सब मिलकर स्वस्थ, सरल तथा अग्रणी समाज की रचना करें।
          इससे पूर्व अपने विचार रखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत पंवार ने कहा कि चुनौतियां समाज में बदलाव लाती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बीते वर्ष पूरे विश्व को कोरोना महामारी ने जकड़ा हुआ था और आज भी हम इस दौर से गुजर रहे हैं। यदि इस महामारी के दौरान प्रगति का विशलेषण किया जाए तो हरियाणा प्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में अच्छा काम हुआ है। एनसीआर क्षेत्र की बात की जाए तो यहां महामारी का प्रकोप ज्यादा था लेकिन यहां गुरूग्राम जिले में कई विभागों का नेतृत्व महिलाओं ने किया और उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा। कोरोना महामारी के दौरान महिलाओं ने बढ-चढकर काम किया। उन्होंने कहा कि हमें महिला दिवस को एक दिन की प्रक्रिया ना मानकर हर दिन को महिला दिवस के रूप में देखना चाहिए।
          इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकार सुनैना ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि महिलाओं ने चुनौतियों का सामना करते हुए उसे समाधान में बदला है। महिलाओं ने कभी चुनौतियों से हार नहीं मानी और निरंतर आगे बढती रही। उन्होंने इस अवसर पर महिलाओं को स्वयं में आत्म विश्वास पैदा करने के लिए पे्ररित किया और घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा आदि सामाजिक बुराइयों को दूर करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डा. पुनीता ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला और बताया कि पहले विश्व के कई देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था, जोकि काफी संघर्ष के बाद मिला। उन्होंने भी महिलाओं को अपने पोषण पर ध्यान देने की अपील की। इस अवसर पर नव चेतना फाउंडेशन द्वारा एनीमिया से मुक्ति, समय पर टीकाकरण, पोषण अभियान तथा स्वस्थ भारत विषय पर आकर्षक प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा, राजकीय कन्या महाविद्यालय सैक्टर-14 की छात्राओं ने समूहगान प्रस्तुत किया जिसके बोल थे-हिंदुस्तान की बेटियों ने हर जगह है धूम मचाई, चाहे खेल का हो मैदान, चाहे मुश्किल हो मंजिल, हर जगह सफलता पाई’। इस मौके पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
                    इस जिला स्तरीय समारोह को चण्डीगढ़ मुख्यमंत्री के आवास पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के साथ वीडियों काॅन्फें्रसिंग के माध्यम से जोड़ा गया जहां से मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, हरियाणा के मुख्य सचिव विजय वर्धन, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. राकेश गुप्ता, निदेशक डा. रेनू फूलिया ने महिलाओं को संबोधित किया।
           इस अवसर पर गुरूग्राम में मेयर मधु आजाद, एसीपी उषा कुण्डु, सूचना, जन सपंर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक आर एस सांगवान, जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन, पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डा. पुनीता, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनैना, मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी नियोनिका बसु व कनिका कोचर सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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