शिव धनुष टूटते ही ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंजा लाल किला मैदान, धूमधाम से हुआ सीता स्वयंवर

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October 14, 2026

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शिव धनुष टूटते ही ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंजा लाल किला मैदान, धूमधाम से हुआ सीता स्वयंवर

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिवकुमार यादव : राजधानी दिल्ली में रामलीला महोत्सव की धूम मची हुई है. लाल किला मैदान और आसपास के रामलीला स्थलों पर मंगलवार को सीता स्वयंवर, शिव धनुष भंग, लक्ष्मण परशुराम संवाद और अहिल्या उद्धार जैसे प्रमुख प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया. शिव धनुष टूटते ही पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष से गूंज उठा. इस दौरान फूलों की वर्षा, ढोल नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच श्रीराम सीता विवाह का उत्सव मनाया गया.

लव कुश रामलीला में धनुष भंग का भव्य मंचन

लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि मंचन के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का प्रसंग प्रस्तुत किया गया. कई देशों से आए शक्तिशाली राजा शिव धनुष को हिला तक नहीं सके, जिससे राजा जनक निराश हो गए. इसके बाद महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने सहजता से धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई और उसे तोड़ दिया. धनुष टूटते ही दर्शकों ने जयकारे लगाए. माता सीता ने श्रीराम को वरमाला पहनाई. इस अवसर पर मिठाइयां बांटी गईं और उत्सव का माहौल रहा.

लक्ष्मण परशुराम संवाद ने बांधा समां

शिव धनुष टूटने की आवाज सुनकर भगवान परशुराम क्रोधित होकर जनक दरबार पहुंचे. इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखे संवादों का मंचन हुआ. लक्ष्मण के निर्भीक जवाबों और भगवान श्रीराम की विनम्रता ने दर्शकों को आकर्षित किया. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे.

अन्य रामलीलाओं में भी दिखे धार्मिक प्रसंग

माधव दास पार्क में आयोजित श्री धार्मिक लीला कमेटी की रामलीला में अहिल्या उद्धार, गौरी पूजन, धनुष यज्ञ, श्रीराम विवाह और लक्ष्मण परशुराम संवाद का मंचन किया गया. महासचिव धीरजधर गुप्ता और प्रवक्ता रवि जैन ने बताया कि श्रीराम सीता विवाह के मंगल गीतों और आकर्षक दृश्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया.

वहीं, नव श्री धार्मिक लीला कमेटी में सीता जन्म कथा, राजा जनक की प्रतिज्ञा, जनक वाटिका में श्रीराम सीता का प्रथम मिलन और गौरी पूजन जैसे प्रसंग प्रस्तुत किए गए. कमेटी के कोषाध्यक्ष प्रेम सिंघानिया ने कहा कि रामलीला भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है.

इसके अलावा, भव्य रामलीला सोसाइटी की ओर से 13 अक्टूबर को सीता स्वयंवर और लक्ष्मण परशुराम संवाद के मंचन के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं. सोसाइटी के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित पहुंचकर रामलीला का आनंद लेने की अपील की.

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