
देहरादून/सिमरन मोरया/- उत्तराखंड के चकराता की छात्रा लकी रावत ने देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। लकी का चयन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक अभियान ‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ के लिए हुआ है। इस अभियान में वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
यह अभियान युवाओं को आर्कटिक क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसमें दुनिया के अलग-अलग देशों के छात्र वैज्ञानिकों के साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन, आर्कटिक के पर्यावरण, समुद्री बर्फ और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से जुड़े विषयों का अध्ययन करेंगे।
22 देशों के छात्र होंगे शामिल
10 दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में 22 देशों के छात्र हिस्सा ले रहे हैं। अभियान की शुरुआत रूस के मरमंस्क शहर से हुई है। यहां से प्रतिभागी परमाणु ऊर्जा से संचालित आइसब्रेकर जहाज ‘50 लेट पोबेडी’ के जरिए नॉर्थ पोल की ओर रवाना होंगे।
नॉर्थ पोल पहुंचने के बाद छात्रों को जमे हुए समुद्र और आर्कटिक विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों और अध्ययनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
कठिन चयन प्रक्रिया के बाद हुआ चयन
लकी रावत का चयन आसान प्रक्रिया के जरिए नहीं हुआ। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया और विभिन्न चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर हासिल किया।
इस अभियान के दौरान छात्रों को वैज्ञानिकों के साथ सीधे काम करने और आर्कटिक क्षेत्र की जलवायु तथा पर्यावरण को करीब से समझने का मौका मिलेगा। अभियान का उद्देश्य युवाओं को वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति जागरूक करना और भविष्य के वैज्ञानिकों को नई दिशा देना भी है।
लकी रावत के चयन से चकराता, देहरादून और पूरे उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनने के साथ-साथ देश के लिए भी गर्व का विषय है।





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