ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने चंद्रयान-3 की सफलता पर मिल रही बधाईयों के लिए किया दुनिया का शुक्रिया

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ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने चंद्रयान-3 की सफलता पर मिल रही बधाईयों के लिए किया दुनिया का शुक्रिया

-बोले- यह सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया के वैज्ञानिक समुदाय के लिए उपलब्धि

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/जोहांसबर्ग/शिव कुमार यादव/- दक्षिण अफ्रीका की राजधानी जोहांसबर्ग में चल रहे ब्रिक्स सम्मलेन में पीएम मोदी ने चंद्रयान-3 मिशन को लेकर कहा कि चंद्रयान-3 ने कल चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की है। यह सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, पूरी दुनिया के वैज्ञानिक समुदाय के लिए उपलब्धि है। पीएम ने कहा कि भारत ने जहां टारगेट किया था, हमने वहीं लैंडिंग की। एक कठिन सतह पर हमने सफलतापूर्व लैंडर को लैंड कराया। यह भारत के वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि है। हमें पूरी दुनिया की तरफ से जो बधाई के संदेश मिले हैं। मैं उसके लिए अपने वैज्ञानिकों और देशवासियों की तरफ से आपका शुक्रिया अदा करता हूं।

बता दें कि चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल (एलएम) बुधवार शाम चंद्रमा की सतह पर उतर गया। भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) से युक्त लैंडर मॉड्यूल ने शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग की। इसके बाद अब रोवर को लैंडर मॉड्यूल से बाहर निकाला गया है। इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर बोले तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष
चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है। चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग की है, हम ऐसा करने वाले पहले देश हैं…पीएम मोदी ने सही कहा कि यह
मानवजाति की जीत है।“
चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर इन स्पेस के चेयरमैन पवन के. गोयनका ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि घटना से पहले बहुत घबराहट और चिंता थी क्योंकि हमारा चंद्रयान -2 चंद्रमा पर उतरने से चूक गया था। यह एक परिपूर्ण लैंडिंग थी और इस लैंडिंग के समय पूरा देश उत्साह से भर गया था।

उन्होंने कहा, “यहां से हम समझना शुरू करेंगे कि गंतव्य पर क्या हो रहा है…इस प्रयोग का पूरा उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव या दक्षिणी गोलार्ध को थोड़ा बेहतर ढंग से समझना होगा…जो जानकारी हम एकत्र करेंगे यह वह जानकारी है जो अतीत में किसी भी देश द्वारा एकत्र नहीं की गई है।“
            चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “मुझे इस पर बहुत गर्व है…मैंने इसे लाइव देखा और मैं बहुत खुश हूं।“

गगनयान-आदित्य एल-1 मिशन पर इसरो प्रमुख ने दिया अपडेट
आदित्य एल-1 और गगनयान मिशन पर इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने गगनयान और आदित्य एल1 मिशन को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, सूर्य के लिए आदित्य मिशन सितंबर में लॉन्च के लिए तैयार हो रहा है। गगनयान पर अभी भी काम चल रहा है। हम क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए संभवतः सितंबर या अक्टूबर के अंत तक एक मिशन करेंगे, जिसके बाद कई परीक्षण मिशन होंगे जब तक कि हम संभवतः 2025 तक पहला मानव मिशन नहीं कर लेते।

लैंडिंग के दौरान मन पर क्या बीती, बता पाना मुश्किलः चीफ
इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के पलों को याद करते हुए कहा कि उस दौरान मन पर क्या बीती, इसका वर्णन करना बहुत कठिन है। यह खुशी हो सकती है, यह उपलब्धि का सार हो सकता है और योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना हो सकता है।

चंद्रयान-3 मिशन के लिए सोनिया गांधी ने क्या लिखा?
सोनिया गांधी ने सोमनाथ को लिखे पत्र में कहा, “मैं आपको अवगत कराना चाहती हूं कि बीती शाम इसरो द्वारा हासिल की शानदार उपलब्धि से मैं बहुत प्रसन्न हुई। यह सभी भारतवासियों, खासकर युवाओं के लिए गर्व और उत्साह का विषय है।“ उन्होंने कहा, “बीते कई दशकों से इसरो की शानदार क्षमताओं का निर्माण हुआ है। इसके पास हमेशा बेहतरीन नेतृत्वकर्ता रहे और सामूहिक प्रयास की भावना रही, जिसने इसे (इसरो) हमेशा आगे बढ़ाया। “ सोनिया गांधी के अनुसार, “ इसरो 1960 के दशक से आत्मनिर्भरता के आधार पर आगे बढ़ा जिसका इसकी सफलता में बड़ा योगदान रहा। “ उन्होंने कहा कि इस मौके पर वह इसरो के प्रत्येक सदस्य को बधाई देती हैं।

डीके शिवकुमार बोले- भारत विश्व के ज्ञान की राजधानी
चंद्रयान-3 की सफलतापूर्वक लैंडिंग पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि.मुझे उस महान क्षण को देखकर बहुत गर्व हो रहा है जिसने भारतीय विज्ञान में इतिहास रचा है। भारत ने दिखा दिया है कि वह विश्व की ज्ञान राजधानी है। इस सफलता की कहानी के लिए पूरी टीम ने काम किया है…हमें इस महान क्षण पर बहुत गर्व है। हम सभी ने खुशी साझा की। अगली पीढ़ी इसे ज़रूर और आगे बढ़ाएगी।
               कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर इसरो वैज्ञानिकों की टीम को बधाई दी। वह इस मौके पर इसरो के कमांड सेंटर पहुंचे और वैज्ञानिकों से एक-एक कर मिले।

कर्नाटक सीएम ने इसरो प्रमुख को दी बधाई
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चंद्रयान-3 की सफलतापूर्वक लैंडिंग पर इसरो प्रमुख एस सोमनाथ को बधाई दी।

भाजपा महासचिव ने चंद्रयान-3 पर दी देशवासियों को बधाई
चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बया दिया है। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। मैं इसरो की टीम, वैज्ञानिकों, देश के लोगों और प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देना चाहता हूं…भारत का चंद्रयान -3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला यान है।

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इसरो चीफ को चिट्ठी लिख दी बधाई
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चंद्रयान-3 की सफलता पर इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ को पत्र लिखा।

कांग्रेस सांसद ने इसरो को बधाई दी
चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने कहा है कि यह भारतीय वैज्ञानिक की एक बड़ी उपलब्धि है और इसरो ने भारतीय वैज्ञानिक सोच को बहुत ऊंचे मानक पर स्थापित किया है। हम इसरो के सभी वैज्ञानिकों और परियोजना निदेशकों को धन्यवाद देना चाहते हैं। यह देश के लिए एक खुशी का क्षण है।

‘आपके साथ साझेदारी करके गर्व’, चंद्रयान-3 पर बोला अमेरिका
चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग के बाद भारत की दुनिया भर में वाहवाही हो रही है। अमेरिका भी तारीफ करते नहीं थक रहा है। हालांकि, चंद्रमा पर इससे पहले तीन देश (अमेरिका, रूस और चीन) कदम रख चुके हैं, लेकिन दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला पहला देश भारत हैं। बता दें, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मानना है कि चांद पर पानी के निशान मिल सकते हैं।

यूट्यूब पर चंद्रयान-3 की लाइव स्ट्रीमिंग ने तोड़ा रिकॉर्ड
भारत ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। भारत के चंद्रयान-3 ने बुधवार को चांद पर सफल लैंडिंग की। इसी के साथ, भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बन गया। वहीं, इसरो के लाइव स्ट्रीमिंग लिंक ने भी यूट्यूब पर इतिहास रच दिया। चंद्रयान-3 के लैंडिंग की लाइव स्ट्रीमिंग को 8.06 मिलियन लोगों ने एक साथ देखा, जिसने यूट्यूब इतिहास के सभी कीर्तिमानों को ध्वस्त कर दिया।

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