साइबर थाने में DGP का सरप्राइज विज़िट: डिजिटल अरेस्ट की नकली शिकायत लेकर पहुंचे

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 16, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-पुलिस सिस्टम की हकीकत परखी

हरियाणा/उमा सक्सेना/-     हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने सोमवार को गुरुग्राम साइबर पुलिस स्टेशन में अचानक पहुंचकर पूरे पुलिस सिस्टम का रियलिटी चेक लिया। वे अपनी निजी गाड़ी से “डिजिटल अरेस्ट” का शिकार बने एक सामान्य नागरिक के रूप में थाने पहुंचे, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। दिलचस्प बात यह रही कि गेट पर मौजूद गार्ड उन्हें पहचान नहीं पाया और सामान्य प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराने के लिए ड्यूटी ऑफिसर के कमरे की ओर भेज दिया।

सरप्राइज इंस्पेक्शन: DGP खुद बने शिकायतकर्ता
DGP ओपी सिंह ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए बताया कि वे जानबूझकर आम नागरिक की तरह थाने पहुंचे ताकि यह परख सकें कि वास्तव में शिकायतकर्ता के साथ पुलिस का बर्ताव कैसा है। जैसे ही वे ड्यूटी ऑफिसर के कमरे में दाखिल हुए, कुछ सेकंड बाद पुलिसकर्मी उन्हें पहचान गए और तुरंत खड़े हो गए।
इस दौरान DGP ने पुलिस की कार्यप्रणाली, व्यवहार और शिकायतों के निपटान की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की।

अधिकारियों में हड़कंप, मौके पर पहुंचे बड़े अफसर
जैसे ही जानकारी मिली कि DGP खुद शिकायत लेकर आए हैं, पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा, DCP, ACP और SHO मौके पर पहुंच गए। निरीक्षण के बाद DGP ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर विस्तृत चर्चा की और जरूरी निर्देश भी दिए।

साइबर फ्रॉड पर सख्ती: बैंक होंगे जिम्मेदार
निरीक्षण के बाद DGP ओपी सिंह ने साइबर क्राइम रोकने के लिए कई अहम बातें कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि—

साइबर फ्रॉड में अगर बैंक की लापरवाही साबित होती है तो पीड़ित को मुआवजा बैंक द्वारा दिया जाएगा।

फ्रीज की गई छोटी रकम को जल्दी वापस कराने के लिए पुलिस लोक अदालत का इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस साइबर अपराधों के खिलाफ आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए नई रणनीतियाँ लागू कर रही है।

राज्य में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान शुरू होंगे
DGP ने जोर दिया कि साइबर अपराध को रोकने का सबसे प्रभावी हथियार है—जागरूकता।
इसके लिए:

सोशल मीडिया और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाएगी। स्कूल और कॉलेजों में साइबर अवेयरनेस एंबेसडर तैयार किए जाएंगे जो छात्रों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार सिखाएंगे। जनता के लिए DGP का संदेश

DGP ने नागरिकों को सावधान करते हुए कहा:
साइबर अपराधी डर और लालच का फायदा उठाते हैं। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या निवेश/इनाम वाले संदेश से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि हरियाणा पुलिस साइबर अपराधों को कम करने और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल माहौल देने के लिए निरंतर मिशन मोड में काम कर रही है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox