कैंसर का इलाज होगा और भी आसान: ल्यूपिन की नई दवा से बढ़ी उम्मीदें

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August 9, 2026

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नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   मेडिकल साइंस और आधुनिक उपचार विधियों में हुई प्रगति ने कैंसर के इलाज को पहले से काफी आसान बना दिया है। जीवनशैली और खानपान की बदलती आदतों के कारण क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ा है। डायबिटीज, हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं आम हो गई हैं, वहीं कैंसर के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 में दुनियाभर में लगभग 9.7 मिलियन (97 लाख) मौतें कैंसर के कारण हुईं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2050 तक यह संख्या 18.2 मिलियन (1.82 करोड़) तक पहुँच सकती है।

अध्ययन बताते हैं कि कैंसर से होने वाली लगभग एक-तिहाई मौतें तंबाकू और शराब के सेवन, उच्च बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण होती हैं। 2022 में फेफड़े, ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर सबसे अधिक घातक साबित हुए।

ल्यूपिन को मिली मंजूरी: न्यूट्रोपेनिया के इलाज में नया विकल्प
इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में भारतीय फार्मा कंपनी ल्यूपिन को कैंसर मरीजों में न्यूट्रोपेनिया के इलाज के लिए बायोसिमिलर दवा की मंजूरी मिली। मुंबई स्थित कंपनी ने बताया कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने आर्मलुपेग (पेगफिलग्रास्टिम-उन्ने) 6 mg/0.6 mL इंजेक्शन को मंजूरी दी है। यह दवा न्यूलास्टा (पेगफिलग्रास्टिम) का बायोसिमिलर है और सिंगल-डोज प्रीफिल्ड सिरिंज के रूप में कैंसर के इलाज में मदद करेगी।

ल्यूपिन की सीईओ विनीता गुप्ता ने कहा, “यह कदम मरीजों को अधिक सस्ती और आसानी से उपलब्ध दवाएं देने के हमारे उद्देश्य की दिशा में एक अहम प्रयास है। हम आने वाले वर्षों में बायोसिमिलर का एक मजबूत पोर्टफोलियो लाने की योजना में हैं, जिससे मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार होगा।”

कोलन कैंसर का देसी इलाज खोजने में सफलता
कैंसर के इलाज में निरंतर शोध जारी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी), राउरकेला के शोधकर्ताओं ने हाल ही में लॉन्ग पेपर (पिप्पली) में पाए जाने वाले नेचुरल कंपाउंड की पहचान की है, जो कोलन कैंसर कोशिकाओं को कम करने और इसके इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शोध टीम ने पाया कि यह कंपाउंड हेल्दी सेल्स को बिना नुकसान पहुंचाए कोलन कैंसर कोशिकाओं को मार सकता है।

इस तरह, ल्यूपिन की नई दवा और शोधकर्ताओं की खोज कैंसर के इलाज को अधिक सस्ता, आसान और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।

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