प्राकृतिक आहार प्रणाली एनडीएस डिटाॅक्स सेंटर, उचाना का दिल्ली में तीन दिन के स्वास्थ्य शिविर की घोषणा, पंजीकरण प्रारंभ.

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प्राकृतिक आहार प्रणाली एनडीएस डिटाॅक्स सेंटर, उचाना का दिल्ली में तीन दिन के स्वास्थ्य शिविर की घोषणा, पंजीकरण प्रारंभ.

-प्राकृतिक व सात्विक आहार से आंतरिक शारीरिक शुद्धि व स्वास्थ्य के लिए 24 अक्टूबर से लगेगा एनडीएस का दिल्ली में आवासीय शिविर

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिवकुमार यादव:
कच्चे प्राकृतिक आहार और आंतरिक शारीरिक शुद्धि के जरिए स्वास्थ्य सुधार का दावा करने वाली संस्था नैचुरल डाइट सिस्टम (एनडीएस, उचाना, हरियाणा) ने दिल्ली में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की घोषणा की है। यह शिविर 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली के इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित अग्रसेन भवन त्रिनगर, में आयोजित किया जाएगा।शिविर के लिए पंजीकरण उचाना केंद्र के माध्यम से शुरू हो चुके हैं।

शिविर के संयोजक सतीश जांगड़ा के अनुसार, इस आवासीय एवं गैर-आवासीय शिविर में लगभग सौ प्रतिभागियों की व्यवस्था की गई है। दिल्ली और बाहर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए ठहरने और तीन दिनों तक निर्धारित प्राकृतिक आहार की व्यवस्था की गई है। शिविर में पंजीकरण के लिए सतीश जांगड़ा ने दूरभाष नंबर 9466318750 जारी किया है। कार्यक्रम में मनप्रीत कौर, निखिल, आचार्य सूर्य देव आर्य,बिंदा मन्ना ,विजय मिगलानी,सुभाष , सुनीता,‌,आकांक्षा, ,वजीर सिंसार,प्रवीण मल्होत्रा , मयंक,नीलिमा चटर्जी आदि जूड़े। आरजेएस परिवार अमेरिका से डा. रमैया मुथ्थियाला ने स्वस्थ जीवन के लिए शाकाहार अपनाने को बढ़ावा दिया।

यह घोषणा आरजेएस पॉजिटिव मीडिया और रामजानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना द्वारा स्वास्थ्य, शाकाहार और जीवनशैली सुधार के राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान के 673वी पाॅजिटिव मीडिया संगोष्ठी के दौरान की गई।

हरियाणा के जींद जिले स्थित उचाना एनडीएस की प्रमुख सुमन जांगड़ा ने बताया कि उन्होंने स्वयं तीन वर्ष पूर्व जींद में न्यू डायट सिस्टम , गुजरात के संस्थापक बी वी चौहान की प्रेरणा से आयोजित पांच दिवसीय शिविर में भाग लेकर उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाया था। इसके बाद उन्होंने उचाना के नए बस स्टैंड के पास एनडीएस डिटॉक्स केंद्र की शुरुआत की, जो पिछले दो वर्षों से संचालित हो रहा है। इसमें काउंसलिंग के द्वारा नैचुरल डायट प्लान समझाया जाता है,जिसका आज बहुत सारे लोग लाभ उठा रहे हैं। वेलनेस एक्सपर्ट सुमन जांगड़ा ने प्रणाली की व्याख्या करते हुए कहा कि बार-बार तला-भुना और अत्यधिक पका हुआ भोजन करने से पाचन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि पका हुआ खाना पचने में छह से सात घंटे का समय लेता है, जबकि प्राकृतिक कच्चा आहार एक से डेढ़ घंटे में पच जाता है। इस पद्धति के तहत रोगियों को हरी पत्तियों के रस, जिसमें पालक, धनिया, पुदीना, सहजन और अदरक शामिल हैं, के अलावा ताजे फल और कच्ची सब्जियों से बने व्यंजन दिए जाते हैं। उन्होंने दूध और पनीर के स्थान पर नारियल, मूंगफली, तिल और सोयाबीन से तैयार वनस्पति आधारित दूध के उपयोग की वकालत की।

कार्यक्रम में कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। हांसी निवासी एवं नरवाना में सहकारिता विभाग में निरीक्षक पद पर कार्यरत सुनीता रानी ने बताया कि वर्षों पुरानी पाचन संबंधी समस्याओं, जोड़ों के दर्द और अन्य जटिलताओं में कच्चा आहार और ग्रीन जूस अपनाने के बाद उल्लेखनीय सुधार हुआ। अमृतसर की मनप्रीत कौर ने शिविर के माध्यम से अपने वजन में तीस किलोग्राम से अधिक की कमी आने और ऊर्जा स्तर सुधरने की जानकारी दी। एक अन्य प्रतिभागी निखिल ने बताया कि प्राकृतिक रस और कच्चे खाद्य पदार्थों को दिनचर्या में शामिल करने से उनकी शारीरिक थकान दूर हुई। हरियाणा सरकार में पूर्व योग शिक्षक रहे आचार्य सूर्यदेव आर्य ने भी अपनी पत्नी के स्वास्थ्य में आए सकारात्मक बदलाव का उल्लेख किया।

आरजेएस परिवार,अमेरिका से जुड़े दुर्लभ बीमारियों के शोधकर्ता डॉ. रमैया मुथ्याला ने शाकाहार के वैश्विक और पर्यावरणीय पहलुओं पर विचार रखे और कहा कि वो स्वयं शाकाहारी हैं। । पिछले चौवन वर्षों से अमेरिका में रह रहे डॉ. मुथ्याला ने कहा कि मांसाहार की तुलना में शाकाहारी खाद्य उत्पादन में जल और ऊर्जा संसाधनों की खपत काफी कम होती है। हालांकि, उन्होंने भारतीय कृषि में कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए रासायनिक अवशेषों से मुक्त खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उदय मन्ना ने बताया कि यह शाकाहारी स्वास्थ्य अभियान जनवरी में प्रस्तावित पंद्रह दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस और गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके तहत शाकाहार, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जनचेतना का प्रसार किया जा रहा है।

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