समाज को बांटने वाले नेताओं व भ्रष्टाचारियों का सार्वजनिक स्थानों पर हो बहिष्कार-कांता

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

समाज को बांटने वाले नेताओं व भ्रष्टाचारियों का सार्वजनिक स्थानों पर हो बहिष्कार-कांता

अनूप कुमार सैनी/रोहतक/नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/- जात पात में समाज को बांटने वाली राजनीतिक पार्टियों को सबक सिखाने का संकल्प लेते हुए मिशन एकता समिति ने हरियाणा प्रदेश के लोगों को अपील की है कि जाति धर्म में भेदभाव करने वाली राजनीतिक पार्टियों को नकार दें, उन्हें सबक सिखाएं ताकि हरियाणा का खोया हुआ गौरव वापस आ सके।       मिशन एकता समिति की प्रदेशाध्यक्ष कांता आलडिया ने कहा कि हरियाणा प्रदेश के भाईचारे की मिसाल पूरे देश में दी जाती थी लेकिन इस मिसाल को भाजपा-कांग्रेस नेतृत्व ने ऐसे डस लिया कि हरियाणा तीन बार आग की लपटों में झुलस गया और लोगों के दिलों में दरार आ गई।           

उन्होंने कहा कि जून माह में एक बड़े सामाजिक संगठन की बुनियाद रखी जाएगी, जिसमें केवल मानवता के पुजारियों को संगठित कर पूरे प्रदेश में पैगाम दिया जाएगा और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। जब तक भ्रष्ट नेताओं नौकरशाहों का सार्वजनिक स्थलों पर बेनकाब किया जाएगा तब तक ऐसे घटिया मानसिकता रखने वाले लोगों को सीख नहीं मिलेगी।       कांता ने कहा कि अन्याय अपराध का विरोध डटकर होना चाहिए और जो लोग अन्याय के खिलाफ खड़े नहीं होते, वह कहीं ना कहीं अधर्म व शोषण के समर्थक हैं। उन्होंने कहा कि जब बेईमान व अपराधी किस्म के लोगों के पास धन शक्ति बढ़ती है तो देश में हिंसा अपराध है का वातावरण बनता है।          उन्होंने कहा कि राजधर्म या सन्यास धर्म से पहले राष्ट्रधर्म हो। भारत को विश्व की महाशक्ति तभी बनाया जा सकता है, जब लोगों की पहचान केवल मानवता हो।समाज के नियम कानून व लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का उपयोग दुष्टों अपराधियों को दंड देने के लिए कम शरीफ इमानदार को प्रताड़ित करने के लिए अधिक हो रहा है, यह लोकतंत्र या आजादी का अपमान नहीं तो और क्या है।         उनका कहना था कि बड़े हैरत की बात है कि प्रदेश के उच्च अधिकारी नौकरशाही राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं जबकि उन्हें जनहित में कार्य करने के लिए बिठाया गया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox