पीएम मोदी से बोले जिनपिंग, हमे दोस्त बनना होगा यही समय की मांग

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August 17, 2026

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पीएम मोदी से बोले जिनपिंग, हमे दोस्त बनना होगा यही समय की मांग

-ड्रैगन और हाथी को साथ आना चाहिए...

बीजिंग/शिव कुमार यादव/- इस बार के एससीओ शिखर सम्मेलन की चर्चा पूरे विश्व मे हो रही है और सभी देशों की नजरे इस पर टिकी है। चीन के तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले एससीओ समिट पीएम मोदी के साथ-साथ कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष भाग लेने पंहुचे हे। इससे पहले पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की है। इस बैठक में दोनों देशों के संबंधों को बेहतर करने पर चर्चा की गई है। इस मौके पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग  ने कहा कि भारत-चीन को दोस्त बनना होगा और यही आज समय की मांग है।

पीएम मोदी के साथ रविवार को बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदलाव की ओर बढ़ रही है । चीन और भारत दुनिया की बड़ी सभ्यताएं हैं। हम दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश और ग्लोबल साउथ का हिस्सा हैं। हमें अच्छे दोस्त और अच्छे पड़ोसी बनना जरूरी है । ड्रैगन और हाथी को साथ आना चाहिए।

जिनपिंग ने कहा- ये साल भारत-चीन कूटनीतिक संबंधों के कायम होने का 75वां साल है। दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिये से देखना होगा। बहुपक्षवाद के साथ साथ मल्टीपोलर दुनिया और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को लोकतांत्रिक स्वरूप के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी । एशिया और दुनिया में शांति के लिए मिलकर काम करना होगा।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ’कजान में हमारी बैठक सार्थक रही थी। इससे हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली। सीमाओं पर शांति और स्थिरता है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी शुरू हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए शी जिनपिंग को बधाई दी। उन्होंने भारत और चीन के बीच रिश्ते में विश्वास, सम्मान और संवेदना का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारे देशों के बीच सहयोग से 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हैं। ऐसे में दोनों देशों के अच्छे रिश्ते मानवता के लिए आवश्यक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी के साथ वार्ता के दौरान कहा कि हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक अमरिका की ओर से लागू टैरिफ पृष्ठभूमि में हो रही है। इस वार्ता में दोनों नेताओं के भारत-चीन आर्थिक संबंधों का जायजा लेने और पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के बाद गंभीर तनाव में आए संबंधों को और सामान्य बनाने पर विचार-विमर्श करने की उम्मीद है।
जिनपिंग और नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के कारण भारत के सामने चुनौती है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी की जिनपिंग के साथ बैठक को चीनी से संबंधों में सुधार की कोशिश की तरह देखा जा रहा है। रूसी प्रेसीडेंट पुतिन भी चीन पहुंचे हुए हैं। शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी इससे पहले 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स समिट के दौरान मिले थे। इस बैठक में भारत और चीन के बीच सीमा पर पेट्रोलिंग को लेकर समझौता हुआ था। इससे चीन-भारत के सीमा विवाद के समाधान की दिशा में बड़ा फैसला हुआ और इस विवाद को सुलझाने की दिशा में दोनों देश बढ़े।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रविवार को चार दिवसीय दौरे पर चीन पहुंचे हैं। एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी तियानजिन पहुंचे हैं। इनके अलावा दूसरे नेता भी चीन पहुंच चुके हैं।

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