
नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/ नई दिल्ली/ शिवकुमार यादव: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1994 के एक चर्चित मामले में करीब 32 साल से फरार चल रहे कुख्यात आरोपी ललित को मंगोलपुरी से गिरफ्तार किया है. शकरपुर थाना क्षेत्र के एक आध्यात्मिक आश्रम में डकैती के दौरान दो साध्वियों की गला दबाकर हत्या करने के इस सनसनीखेज मामले में वह मुख्य आरोपी था. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपनी पहचान बदलकर फैक्ट्रियों में पैकेजिंग मजदूर के रूप में छिपकर रह रहा था.

पुलिस के मुताबिक, मामला थाना शकरपुर के FIR नंबर 583/1994 से जुड़ा है। पूर्वी दिल्ली स्थित एक आध्यात्मिक आश्रम में दो साध्वियों की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि वारदात के बाद आश्रम से नकदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान लूटा गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार, दिलीप राम और सुशील को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि ललित फरार हो गया था। उसे 26 अक्टूबर 1995 को घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित किया गया था।
पैकेजिंग मजदूर बनकर रह रहा था आरोपी
क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम ने लंबे समय तक जानकारी जुटाने के बाद आरोपी के मंगोलपुरी फेज-II में होने का पता लगाया। पुलिस टीम ने वहां एक फैक्ट्री में पैकेजिंग मजदूर के तौर पर काम कर रहे ललित को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लंबे समय तक अलग-अलग जगहों पर मजदूरी करते हुए अपने अतीत को छिपाए रखा। उसकी पहचान आधार कार्ड के जरिए भी सत्यापित की गई।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, ललित ने कथित तौर पर वारदात में शामिल होकर दोनों साध्वियों की हत्या में भूमिका निभाई थी और लूटे गए सामान में से नकदी व जेवरात का हिस्सा प्राप्त किया था।
इस कार्रवाई को 32 साल से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के रूप में देखा जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।





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