ट्रंप खेमे में मतभेद तेज, भारत की साझेदारी से बढ़ी अमेरिकी बेचैनी

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ट्रंप खेमे में मतभेद तेज, भारत की साझेदारी से बढ़ी अमेरिकी बेचैनी

-भारत-रूस तेल व्यापार पर अमेरिका में बढ़ी खींचतान

दिल्ली/सिमरन मोरया/- भारत और रूस के बीच हो रहे व्यापार को देख अमेरिका का खाना हजम नहीं हो रहा है। भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी भारत पर लगातार हमला कर रहे हैं। अब भारत को लेकर ट्रंप के व्यापार और निर्माण मामलों के सलाहकार पीटर नवारो ( Peter Navarro ) और दुनिया के सबसे अमीर शख्स व अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क के बीच ‘झगड़ा’ शुरू हो गया है। यह झगड़ा तब हुआ जब मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के बारे में एक पोस्ट को नवारो ने गलत बताया गया। बता दें कि नवारो को ट्रंप का राइट हैंड माना जाता है। वहीं मस्क भी कभी ट्रंप के लेफ्ट हैंड रह चुके हैं। हालांकि अब मस्क और ट्रंप की राहें अलग हो चुकी हैं।

नवारो ने मस्क की पोस्ट को बकवास बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एलन मस्क ‘प्रचार’ को बढ़ावा दे रहे हैं। नवारो ने फिर से कहा कि भारत रूसी तेल सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए खरीद रहा है। साथ ही नवारो ने अपनी पोस्ट में भारत पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका के लोगों की नौकरियां छीन रहा है।

कैसे शुरू हुआ दोनों के बीच झगड़ा?
नवारो ने कुछ समय पहले एक्स पर पोस्ट की थी। अपनी उस पोस्ट में भारत पर रूसी तेल से मुनाफा कमाने का आरोप लगाया था। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा था कि भारत के टैरिफ से अमेरिकियों की नौकरियां जा रही हैं। नवारो ने ये बातें वाशिंगटन पोस्ट के एक लेख के जवाब में कहीं।. उस लेख में ट्रंप प्रशासन के भारत के साथ संबंधों को सुधारने के प्रयासों में विरोधाभास के बारे में बताया गया था।

इसके बाद नवारो की पोस्ट पर एलन मस्क की कंपनी एक्स ने प्रतिक्रिया दी। एक्स ने लिखा, ‘भारत का रूस से तेल खरीदना सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए है। यह किसी भी प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं करता है। भारत में कुछ टैरिफ हैं, लेकिन अमेरिका का भारत के साथ सेवाओं में व्यापार अधिशेष (सरप्लस) है। अमेरिका भी रूस से कुछ चीजें आयात करता है, जो कि ढोंग है।’

नवारो ने क्या दी प्रतिक्रिया?
एक्स की इस पोस्ट ने नवारो भड़क गए। उन्होंने एक्स की इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘वाह! @elonmusk लोगों की पोस्ट में प्रचार आने दे रहे हैं। नीचे दी गई टिप्पणी बिल्कुल बकवास है। भारत रूस से तेल सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए खरीदता है। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से पहले भारत ने कोई तेल नहीं खरीदा था। भारतीय सरकार की प्रचार मशीन तेजी से काम कर रही है। यूक्रेनियों को मारना बंद करो। अमेरिकियों की नौकरियां छीनना बंद करो।’

भारत के खिलाफ जहर उगल रहे अधिकारी
पिछले कुछ दिनों में, व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो सहित ट्रंप प्रशासन के कई अधिकारियों ने भारत के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। नवारो ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारत के बड़े तेल कारोबार ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को ‘क्रेमलिन के लिए एक विशाल रिफाइनिंग हब और तेल मनी लॉन्ड्रिंग’ में बदल दिया है। भारत ने नवारो की टिप्पणियों को गलत और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है।

ट्रेड डील न होने से भड़का हुआ है अमेरिका
पिछले कुछ हफ्तों में भारत और अमेरिका के संबंधों में तनाव देखा गया है। यह तनाव दो दशकों से चले आ रहे घनिष्ठ सहयोग के बाद आया है। यह तनाव तब शुरू हुआ जब एक व्यापार समझौते पर बातचीत रुक गई। इसके अलावा, ट्रंप ने बार-बार दावा किया कि उन्होंने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को सुलझा दिया था। भारत का कहना है कि यह संघर्ष दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत के बाद खत्म हो गया था।

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