नासिक की आईटी कंपनी में गंभीर आरोपों की जांच तेज 

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

महाराष्ट्र/उमा सक्सेना/-  महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक आईटी कार्यालय में महिला कर्मचारियों के साथ कथित उत्पीड़न और जबरन धार्मिक दबाव के आरोपों के बाद मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर जांच का विषय बन गया है। शिकायतों में एक महिला कर्मचारी निदा खान का नाम सामने आया है, जिस पर कई महिला सहकर्मियों ने मानसिक दबाव, धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर करने और शिकायतों को दबाने जैसे आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी सक्रिय हो गई है और जल्द ही नासिक जाकर जांच में शामिल हो सकती है।

12 महिला कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, कंपनी की 12 महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि कुछ सहकर्मी और टीम लीडर लंबे समय से उन पर दबाव बना रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि उन्हें धार्मिक प्रथाएं अपनाने, नमाज पढ़ने और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। कई पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध किया, तो उनकी शिकायतों को दबा दिया गया। इस मामले में अब तक नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।

फरार महिला कर्मचारी की तलाश, डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
जांच एजेंसियों के अनुसार, मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान शिकायत दर्ज होने के बाद से फरार बताई जा रही है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से यह पता लगाया जा सकेगा कि क्या यह मामला केवल कार्यस्थल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

आतंकी संगठन से जुड़े पुराने संपर्कों की भी जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महिला के कुछ पुराने संपर्कों की जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उसका किसी कट्टरपंथी नेटवर्क या प्रतिबंधित संगठन से कोई संबंध था। हालांकि अभी तक इस दिशा में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है और पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कंपनी ने आरोपियों को किया निलंबित
मामले के सामने आने के बाद संबंधित कंपनी ने सभी नामजद कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। कंपनी ने कहा है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। कंपनी ने अपने स्तर पर भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा दोनों पर सवाल
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला अब केवल एक कंपनी के अंदर का विवाद नहीं रह गया है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह कार्यस्थल की सुरक्षा, महिला कर्मचारियों के अधिकार और कट्टरपंथी नेटवर्क के इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़ा मामला बन सकता है। पुलिस और अन्य एजेंसियां हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox