

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज /देहरादून|/राज्य ब्यूरो। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने देहरादून स्थित ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ का औचक निरीक्षण कर केंद्र की व्यवस्थाओं, महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता तथा मामलों के निस्तारण की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में पीड़ित महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं, विधिक सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कार्यप्रणाली के संबंध में चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान महिला आयोग अध्यक्ष ने केंद्र में दर्ज होने वाले मामलों की प्रकृति, मासिक आंकड़ों और उनके निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर केंद्र प्रशासिका माया नेगी ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर में प्रतिमाह लगभग 60 से 70 मामले दर्ज होते हैं। इनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों से संबंधित होते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र की ओर से कई मामलों का निस्तारण आपसी समझाइश और मध्यस्थता के माध्यम से कराया जाता है, जबकि अन्य मामलों में विशेषज्ञों द्वारा नियमित काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए जाते हैं।

पीड़ित महिलाओं को मिले सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण
महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने केंद्र की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि संकट की स्थिति में पहुंचने वाली महिलाओं को सुरक्षित, संवेदनशील और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनना, उन्हें उचित परामर्श देना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने काउंसिलिंग प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को समय पर राहत दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है। पारिवारिक विवादों के मामलों में परिस्थितियों के अनुरूप उचित परामर्श एवं मध्यस्थता की भूमिका महत्वपूर्ण है, ताकि महिलाओं को आवश्यक सहायता मिल सके।

मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पर भी जानकारी ली गई। आयोग अध्यक्ष ने संबंधित कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे महिलाओं की जरूरतों के प्रति सजग रहते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। केंद्र में आने वाली प्रत्येक पीड़ित महिला को उसकी परिस्थिति के अनुरूप आवश्यक सहयोग, परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस अवसर पर केंद्र प्रशासिका माया नेगी, काउंसलर मीनाक्षी, केस वर्कर शिवांशी डबराल, आधार वर्मा सहित वन स्टॉप सेंटर के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।





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