4 जून के बाद इंडिया अलायंस के प्लान का शशि थरूर ने किया खुलासा

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4 जून के बाद इंडिया अलायंस के प्लान का शशि थरूर ने किया खुलासा

-राम मंदिर, इंडिया अलायंस और प्रधानमंत्री चेहरे पर की बात

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- लोकसभा चुनाव को लेकर दो चरण की वोटिंग हो चुकी है और तीसरे चरण के लिए चुनाव-प्रचार जोरों पर है। लोकसभा चुनाव में एनडीए और आईएनडीआईए अलायंस के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है। ऐसे में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने विपक्षी गठबंधन के भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव के बाद सभी विपक्षी दल साथ आएंगे और आईएनडीआईए गठबंधन को और भी मजबूत बनायेंगे। इस मौंके पर उन्होने राम-मंदिर, इंडिया अलायंस, व प्रधानमंत्री पर खुलकर बात की।
         मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि भले ही अभी विपक्षी दल एक-साथ या एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव प्रचार कर रहे हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद वह साथ आकर एक-दूसरे से हाथ मिलाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को एक ऐसा प्रधानमंत्री मिलेगा, जो आम जनता के लिए सबसे पहले होगा और इंडिया अलायंस के नेतृत्व की गठबंधन सरकार दूसरों की बात सुनेगी।

कैसी होगी आईएनडीआईए अलायंस की सरकार?
शशि थरूर ने तृणमूल कांग्रेस पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, ’’गठबंधन सरकार से डरने की कोई बात नहीं है। अगर आपके पास इंडिया अलायंस की गठबंधन सरकार है तो आप लंबे समय में पहली बार एक ऐसे प्रधानमंत्री को देखेंगे, जो लोगों को पहले रखेगा और उनकी बात को सुनेगा, जिसे एक अच्छा प्रबंधक बनना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने गठबंधन सरकारों में बेहतर प्रदर्शन किया है।’’

शशि थरूर ने किया कांग्रेस का बचाव
कांग्रेस नेता ने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होने पर अपनी पार्टी का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इसका निमंत्रण स्वीकार करना सही था, क्योंकि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिमामंडन के लिए आयोजित एक राजनीतिक समारोह था। मोदी की शैली, उनके व्यक्तित्व और बीजेपी के शासन के तरीके को देखते हुए मुझे लगता है कि यह कहना उचित होगा कि यह (विपक्षी गठबंधन की सरकार) बीते 10 वर्ष की इस सरकार से बहुत अलग होगी।

गठबंधन को लेकर कैसी होगी स्थिति?
उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ’’उन्हें कई मायनों में इस तरह के सर्वसम्मति निर्माता का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। थरूर ने कहा कि उनके पास बहुमत नहीं था और उनके गठबंधन में 26 पार्टियां थीं, लेकिन उनकी सरकार प्रभावी परिणाम देने में सफल रही और साथ ही भारतीयों को आश्वस्त किया कि उनके पास एक सक्रिय सरकार है। उन्होंने केरल में कांग्रेस और वामपंथी दलों की स्थिति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि गठबंधन अक्सर चुनावों के बाद होते हैं। उनका मानना है कि 4 जून को जब नतीजे घोषित होंगे तो बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस समेत सभी पार्टियां एकजुट हो जाएंगी।

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