15 हजार रुपये के लालच में महिलाओं ने मुंडवा लिया सिर!

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September 8, 2026

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15 हजार रुपये के लालच में महिलाओं ने मुंडवा लिया सिर!

-फर्जी तहसीलदार की कॉल पर कोरोना का दिखाया डर -सरकारी योजना का झांसा देकर महिलाओं से करवाई ठगी

तमिलनाडु/सिमरन मोरया/-  तमिलनाडु के सलेम जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी फोन कॉल के झांसे में आकर तीन महिलाओं ने अपना सिर मुंडवा लिया। कॉल करने वाले ने खुद को तहसीलदार बताकर दावा किया कि कोरोना जैसी नई महामारी फैल रही है और इससे बचने के लिए सिर मुंडवाना जरूरी है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि ऐसा करने वालों को सरकार की ओर से 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना अत्तूर के पास स्थित पुथुकोथमपाडी गांव की है। रविवार रात करीब 8 बजे गांव की निवासी पलानीअम्मल को एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को अत्तूर तहसील कार्यालय का अधिकारी बताया और महिला व उसके परिवार से जुड़ी कई सही जानकारियां साझा कीं, जिससे महिला को उस पर भरोसा हो गया।

इसके बाद ठग ने दावा किया कि देश में फिर से कोरोना जैसी महामारी फैल रही है और इस बार संक्रमण का कारण लोगों के बाल हैं। उसने कहा कि बीमारी से बचने के लिए महिलाओं को अपना सिर मुंडवाना होगा। साथ ही यह भी बताया कि सरकार इस योजना के तहत सिर मुंडवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 15 हजार रुपये देगी। उसने यह भी कहा कि यह योजना पुरुषों और स्कूली बच्चों पर भी लागू है।

महिला ने यह जानकारी गांव के अन्य लोगों को भी दी। ठग ने यह कहकर लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए उकसाया कि गांव के लिए केवल 18 टोकन ही जारी किए गए हैं और अगले दिन दोपहर 2 बजे सरकारी अधिकारी सहायता राशि लेकर आएंगे। उसने शर्त रखी कि पैसे केवल उन्हीं लोगों को मिलेंगे, जिन्होंने पहले से अपना सिर मुंडवा लिया होगा।

इस झांसे में आकर कावेरी (56), रामायी (58) और चित्रा (60) समेत तीन महिलाओं ने अपना सिर मुंडवा लिया। अगले दिन वे सरकारी अधिकारी और सहायता राशि का इंतजार करती रहीं, लेकिन कोई नहीं आया। जब उन्होंने उसी नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला।

इसके बाद महिलाएं अत्तूर तहसील कार्यालय पहुंचीं, जहां अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोरोना से जुड़ी ऐसी कोई नई चेतावनी या सिर मुंडवाने पर 15 हजार रुपये देने की कोई सरकारी योजना नहीं है। तब महिलाओं को एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी और अफवाह का शिकार हो गई हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना या सहायता राशि से संबंधित जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें।

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