12 की उम्र में IIT, 24 में PhD और अब Apple में रिसर्चर: बिहार के सत्यम कुमार ने रचा इतिहास

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August 7, 2026

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नई दिल्ली/बिहार/उमा सक्सेना/-    कहते हैं प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, और इस कहावत को सच कर दिखाया है बिहार के लाल सत्यम कुमार ने। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार Apple तक पहुंचने का उनका सफर न सिर्फ असाधारण है, बल्कि देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा भी है। बेहद कम उम्र में IIT और फिर अमेरिका से PhD हासिल करने वाले सत्यम आज ग्लोबल टेक मंच पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।

गांव से ग्लोबल मंच तक की शुरुआत
सत्यम कुमार का जन्म 20 जुलाई 1999 को बिहार के भोजपुर जिले के बखोरापुर गांव में हुआ। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े सत्यम में बचपन से ही गणित और विज्ञान के प्रति असाधारण रुचि दिखने लगी थी। जिस उम्र में बच्चे बुनियादी पढ़ाई से जूझते हैं, उसी उम्र में सत्यम कठिन गणितीय समस्याएं हल कर रहे थे।

12 साल की उम्र में पास की IIT परीक्षा
साल 2011 में महज 12 वर्ष की उम्र में सत्यम ने पहली बार IIT-JEE परीक्षा पास कर सभी को चौंका दिया। हालांकि, वे अपनी रैंक से संतुष्ट नहीं हुए और खुद को और बेहतर साबित करने की ठानी। दो साल बाद 2013 में उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और ऑल इंडिया रैंक 679 हासिल की। इसके बाद केवल 14 साल की उम्र में उनका चयन IIT कानपुर में हुआ, जहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक-एमटेक की ड्यूल डिग्री पूरी की।

अमेरिका में उच्च शिक्षा और 24 में PhD
IIT कानपुर से पढ़ाई के बाद सत्यम ने अमेरिका का रुख किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग में PhD की। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 24 साल की उम्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त कर ली, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

Apple तक पहुंचा हुनर
सत्यम की रिसर्च और तकनीकी दक्षता ने उन्हें दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Apple तक पहुंचाया। वर्ष 2023 में उन्होंने Apple की ‘Siri Speech Team’ में इंटर्नशिप की और इसके बाद उन्हें एडवांस मशीन लर्निंग रिसर्च के क्षेत्र में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई। आज वे Apple में अत्याधुनिक तकनीकों पर काम कर रहे हैं।

परिवार में भी काबिलियत की मिसाल
सत्यम की सफलता यहीं नहीं रुकी। उनके छोटे भाई शिवम ने भी बेहद कम उम्र में IIT-JEE क्वालिफाई किया और IIT कानपुर से पढ़ाई पूरी की। फिलहाल शिवम एक बहुराष्ट्रीय कंपनी सैमसंग में कार्यरत हैं। यह परिवार प्रतिभा और मेहनत का बेहतरीन उदाहरण बन चुका है।

युवाओं के लिए प्रेरणा
सत्यम कुमार की कहानी यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और आत्मविश्वास मजबूत हो, तो हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, सफलता पाई जा सकती है। बिहार के एक छोटे से गांव से लेकर अमेरिका की टेक लैब्स तक का उनका सफर देश के हर उस युवा को प्रेरित करता है, जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है।

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