पत्थरबाजी कांड पर सख्त कार्रवाई, तुर्कमान गेट में तनाव के बाद पुलिस एक्टिव

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास दिल्ली नगर निगम द्वारा चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हालात उस वक्त बिगड़ गए, जब कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और एमसीडी की टीम पर अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में देर रात शुरू की गई थी।

अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार, जैसे ही निगम की टीम ने अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते विरोध उग्र हो गया और भीड़ ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस की तत्परता से हालात काबू में
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और हालात को नियंत्रण में लिया गया। पुलिस की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया, हालांकि इस दौरान पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया।

एफआईआर दर्ज, 10 लोग हिरासत में
मामले को गंभीर मानते हुए दिल्ली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अब तक करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में चार से पांच संदिग्धों की पहचान कर ली गई है।

सीसीटीवी फुटेज से उपद्रवियों की पहचान
पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि पत्थरबाजी में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेश पर की जा रही सरकारी कार्रवाई में बाधा डालना और हिंसा फैलाना गंभीर अपराध है। आने वाले समय में ऐसे मामलों में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि राजधानी में कानून व्यवस्था बनी रहे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox