
नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- साल 2023 में नोएडा में आयोजित एक कथित पार्टी को लेकर यूट्यूबर एल्विश यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि पार्टी में सांपों और उनके जहर का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस केस ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, वे कानूनी रूप से मजबूत नहीं थीं। विशेष रूप से NDPS एक्ट के तहत जिस पदार्थ का जिक्र किया गया, वह कानून की निर्धारित सूची में शामिल ही नहीं है।
सबूतों की कमी बनी वजह
अदालत ने यह भी पाया कि मामले में एल्विश यादव के खिलाफ कोई ठोस बरामदगी नहीं हुई थी। चार्जशीट में केवल आरोपों के आधार पर केस आगे बढ़ाया गया, जो न्यायिक जांच में टिक नहीं पाया। इसी आधार पर कोर्ट ने एफआईआर को रद्द करने का निर्णय लिया।
वन्यजीव कानून पर भी टिप्पणी
कोर्ट ने वन्यजीव संरक्षण कानून का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए अधिकृत अधिकारी की शिकायत जरूरी होती है। मौजूदा मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था, जिससे एफआईआर कानूनी रूप से कमजोर साबित हुई।
भविष्य की कार्रवाई का रास्ता खुला
हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संबंधित प्राधिकरण चाहे तो नियमों का पालन करते हुए नए सिरे से मामला दर्ज कर सकता है। यानी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई का विकल्प खुला हुआ है।





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