सब्जीमंडी को लेकर मारे-मारे फिर रहे आढ़ती व मासाखोर, अधिकारी नही सुन रहे पुकार, पुलिस कर रही प्रहार

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August 22, 2026

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सब्जीमंडी को लेकर मारे-मारे फिर रहे आढ़ती व मासाखोर, अधिकारी नही सुन रहे पुकार, पुलिस कर रही प्रहार

-एसडीएम कार्यालय में अपनी मांग को लेकर पंहुचे सैंकड़ों आढ़ती व मासाखोर, एडीएम ने नही दिया मिलने का समय

नजफगढ़/- सब्जी मंडी के स्थान को लेकर प्रशासन की सख्ती के चलते आढ़ती व मासाखोर मारे-मारे फिर रहे हैं। ऊपर से पुलिस भी आढ़तियों व मासाखोरों की परिवार पालने की मजबूरी को दरकिनार कर उन पर लाठियां बरसा रही है। इधर अधिकारी भी उनकी मांगों पर कार्यवाही करने की बजाये सिर्फ टाईम पास कर रहे है। जिसकों लेकर बुधवार को सैंकड़ों आढ़तियों व मासाखोरों ने एसडीएम कार्यालय नजफगढ़ में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया और एसडीएम महोदय से मिलकर अपनी परेशानी बयां की। हालांकि एसडीएम अमित काले ने उन्हे आश्वासन दिया है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जायेगा। लेकिन आढ़तियों को नही लगता कि सरकार व प्रशासन उनके लिए कोई व्यवस्था कर पायेंगे।
               

कोरोना काल से शुरू हुई इस समस्या पर बुधवार को नजफगढ़ फ्रूट एंड वेजिटेबल होल सेलर एंड आढ़ती एसोसिएशन के तत्वाधान में एसडीएम कार्यालय नजफगढ़ परिसर में सैंकड़ों लोगों ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया और एडीएम जिला दक्षिण-पश्चिम विक्रम सिंघल से मिलने की अपील की। हालांकि एडीएम तो उक्त लोगों से नही मिल पाये लेकिन एसडीएम अमित काले ने पीड़ितों से मिलकर उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही उनकी समस्या का स्थाई समाधान किया जायेगा।
                इस संबंध में एसोसिएशन के महासचिव दिनेश राठौर ने बताया कि पिछले काफी समय से उनको सब्जी मंडी के लिए जगह आवंटन को लेकर राजनीति चल रही है। कोरोना काल में प्रशासन ने झाड़ौदा रोड़ से उठाकर उन्हे अनाज मंडी में जगह दी थी लेकिन फिर जाम की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने उन्हे ककरौला रोड़ पर स्थित जलबोर्ड की जमीन में सब्जीमंडी लगाने की इजाजत दी। लेकिन उसके एक साल बाद ही प्रशासन ने उन्हे यहां से उठने का फरमान जारी कर दिया और बताया कि यह जमीन जलबोर्ड की है और जलबोर्ड का एक महत्वपूर्ण संयंत्र यहां लगना है। लेकिन आढ़तियों ने मांग रखी की जब तक उन्हे प्रशासन नई जगह नही उपलब्ध करा पाता है तब तक यहां आढ़तियों व मासाखोरों को काम करने की इजाजत दी जाये। प्रशासन ने उनकी बात मान भी ली लेकिन फिर भी पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाकर उन्हें वहां से भगा दिया। इसी तरह उप प्रधान कृष्णलाल, सचिव हरद्वारी लाल, खजांची महेन्द्र सिंह व संयुक्त सचिव सुनील बंसल ने बताया कि बार-बार उन्हे दर बदर किया जा रहा है। इस मंडी से करीब दो हजार लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। प्रशासन के इस रवैये से हजारों लोगों का चुल्हा जलने से बंद हो गया है। ऊपर से पुलिस की मार और उन्हें सहनी पड़ रही है जबकि वो सरकार को टैक्स भी देते हैं और लाठियां भी खाते हैं। उधर प्रशासनिक अधिकारी भी उनकी नही सुन रहे हैं जबकि हाईकोर्ट ने उन्हे नई जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था और दिल्ली के मुख्य सचिव ने इस संबंध में जिला प्रशासन को जगह को लेकर निर्देश भी दिये है। फिर भी अधिकारी उनकी एक नही सुन रहे हैं। इस मौके पर सैंकड़ों आढ़तियों व मासाखोरों ने सीएम अरविंद केजरीवाल से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी रोजी-रोटी को बचायें और हजारों परिवारों को भूखा मरने से बचायें। हालांकि जब एसडीएम अमित काले से इस बारें में पूछा गया तो उन्होने  कहा कि हम इस समस्या पर काम कर रहे हैं। जल्द ही उन्हे नई जगह अलॉट कर दी जायेगी।

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