मुनि स्कूल के सहयोग से गीता जयंती और यूनिसेफ डे पर 293वां आरजेएस पीबीएच वेबिनार संपन्न

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मुनि स्कूल के सहयोग से गीता जयंती और यूनिसेफ डे पर 293वां आरजेएस पीबीएच वेबिनार संपन्न

नई दिल्ली/- गीता मनुष्य को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने का माध्यम है। गीता जयंती और यूनिसेफ डे के अवसर पर 11 दिसंबर 2024 को राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन में मुनि इंटरनेशनल स्कूल, मोहन गार्डन, नई दिल्ली के सहयोग से 293वां वेबिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरजेएसियंस ने डा. अशोक कुमार ठाकुर के माता-पिता स्व० लाल मुनि देवी और स्व० रामायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन,
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

गीता के इस श्लोक से बीडीएसएल महिला कॉलेज, जमशेदपुर की प्राचार्या ने कार्यक्रम की शुरुआत की और संचालन किया। “मानवीय मूल्यों में परिवार की भूमिका” विषय पर उन्होंने कहा कि गीता पूरी मानवता के लिए एक अनमोल धरोहर है। संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन कोष (यूनिसेफ) बच्चों के अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाने में मददगार है।

मुनि इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक डा. अशोक कुमार ठाकुर ने कहा कि गीता हमें अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाती है। सकारात्मक व्यक्तित्व के धनी विद्यार्थियों का निर्माण करना बेहद जरूरी है। मुनि स्कूल में विद्यार्थी नैतिक मूल्यों को शिक्षकों के आचरण से सीखते हैं। समाज में अभय हो और वस्तुओं व विचारों का खुले दिल से आदान-प्रदान हो, तो सही व्यक्ति का निर्माण संभव है।

मुख्य अतिथि चिन्मय मिशन, पटियाला के आचार्य स्वामी माधवानंद जी ने गीता के कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि “आई हैव नो प्रॉब्लम, आई एम द प्रॉब्लम”। उपनिषद अरण्य है और गीता रण है। 70-80 साल की जिंदगी में अहंकार रहित तथा संबंध रहित और संबंध सहित सकारात्मक जीवन ही सफल जीवन है। अहंकार और आसक्ति ही दुख का कारण है – “बी गुड डू गुड”। प्रयागराज के महाकुंभ पर बोलते हुए स्वामी जी ने कहा कि आध्यात्मिक रूप से विश्व समाज-परिवार को जोड़ने के लिए महाकुंभ एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहां आस्था, परंपरा और साधना का मिलन होता है। सनातन धर्म में साधना, तीर्थ और यज्ञ के जरिए ही परमात्मा से जुड़ा जा सकता है।

स्वामी जी ने आरजेएस के वैश्विक आंदोलन की सराहना की और कहा कि शास्त्र और गुरु के माध्यम से ही परमात्मा से जुड़ा जा सकता है। उन्होंने चिन्मय मिशन के कार्यक्रमों में आमंत्रित करने के लिए उदय मन्ना और पाॅजिटिव मीडिया फैमिली का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में सकारात्मक व्यक्तित्व के धनी बीना जैन, सुरजीत सिंह दीदेवार, ओमप्रकाश झुनझुनवाला- कौशल्या देवी, राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, स्वीटी पॉल, सुदीप साहू, आशीष रंजन, आराध्या, मयंक, डीपी कुशवाहा, गोविंद के, अर्श खान, आकांक्षा, जोहरा ज़ैद, आरके गुप्ता और नरेंद्र टटेसर समेत अनेक राज्यों से आरजेसियंस ने भाग लिया और स्वामी जी से उपनिषद और गीता सार को समझने का प्रयास किया।

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