नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/- दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में शिक्षकों के तबादलों को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसी बीच गुरुवार को सैकड़ों अनुबंधित शिक्षकों ने सिविक सेंटर स्थित महापौर कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। दरअसल, 1 जुलाई को बिना किसी पूर्व सूचना या पारदर्शी नीति के करीब 500 अनुबंधित अध्यापकों का अंतर क्षेत्रीय (इंटर-जोनल) ट्रांसफर कर दिया गया। इसके तहत शिक्षकों को उनके घर से 15 से 30 किलोमीटर दूर के विद्यालय आवंटित कर दिए गए। जिसको लेकर अनुबंधित शिक्षकों में काफी रोष व्याप्त है।
शिक्षकों का आरोप है कि इस लिस्ट में भारी पक्षपात हुआ है, कुछ चहेते अध्यापकों को बिना एलोकेशन सीट के भी उनके पुराने स्कूलों में ही दोबारा रख लिया गया है, जबकि अन्य को प्रताड़ित करने के लिए दूर फेंक दिया गया। नाराजगी सिर्फ अनुबंधित शिक्षकों में ही नहीं है। बुधवार को ही बड़ी संख्या में नियमित शिक्षकों का भी उनकी मर्जी के बिना, नियमों की अनदेखी कर दूसरे क्षेत्रों में ट्रांसफर कर दिया गया। इससे पूरे शिक्षक वर्ग में बेचैनी और
आक्रोश है। शिक्षकों का कहना है कि वे पहले से ही सुविधाओं की कमी, विभागों की अनदेखी और गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ से नि त्रस्त हैं। ऐसे में यह नया आदेश दी उनके लिए मानसिक, आर्थिक और ने शारीरिक प्रताड़ना जैसा है। ट्रांसफर अ होने से नाराज शिक्षकों का कहना कि है कि यह ट्रांसफर लिस्ट पूरी तरह क से अधिकारियों की तानाशाही व व्य मनमर्जी का नतीजा है। बिना किसी नि पूर्व सूचना चना के शिक्षकों को इतनी दूर स्टे भेजना उनके साथ अन्याय है। जब जा तक यह मनमाना आदेश वापस नहीं होता, तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा।


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