
नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- दिल्ली की सड़कों पर सफाई व्यवस्था और मच्छरों की रोकथाम का जिम्मा संभालने वाले एमसीडी के डीबीसी और सीएफडब्ल्यू कर्मचारी अब अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के बैनर तले 29 सितंबर से शुरू हुई हड़ताल शनिवार को छठे दिन भी जारी रही। कर्मचारी बड़ी संख्या में सिविक सेंटर के बाहर जुटे और जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

तीन दशक से उठ रही हैं यही मांगें
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि उनकी मांगे कोई नई नहीं हैं। समान वेतन, मेडिकल अवकाश और अनुकंपा नियुक्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग वे पिछले 30 साल से करते आ रहे हैं। लेकिन बार-बार केवल आश्वासन दिया गया, हकीकत में आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में भी इन्हीं मांगों को लेकर बात हुई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं निकला।
प्रशासन को दी खुली चेतावनी
धरनास्थल पर मौजूद यूनियन नेताओं ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी कि यह प्रदर्शन केवल नाराजगी जताने के लिए नहीं है, बल्कि यह बताने के लिए है कि अब कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर लिखित और ठोस कार्यवाही नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
गुस्से में दिखे कर्मचारी
सिविक सेंटर के बाहर माहौल पूरी तरह प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के गुस्से को बयां कर रहा था। किसी के हाथों में पोस्टर थे, कोई नारे लगा रहा था और सभी मिलकर एक ही आवाज में यह संदेश दे रहे थे कि मांगे पूरी होने तक संघर्ष रुकने वाला नहीं है।





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