टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लेकर आएंगे ’हरियाणा आत्मनिर्भर कपड़ा नीति’ – डिप्टी सीएम

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टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लेकर आएंगे ’हरियाणा आत्मनिर्भर कपड़ा नीति’ – डिप्टी सीएम

-नई नीति से चार हजार करोड़ रुपए का निवेश और 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा

चंडीगढ़/- हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में एमएसएमई के माध्यम से टेक्सटाइल उद्योग को भी बढ़ावा देगी ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश में जल्द ही ‘हरियाणा आत्मनिर्भर कपड़ा नीति-2022’ लागू की जाएगी। डिप्टी सीएम ने यह जानकारी आज नई दिल्ली में इस नीति के लिए तैयार किये गए ड्राफ्ट पर विचार-विमर्श करने के लिए आयोजित बैठक के बाद दी। इससे पहले दुष्यंत चौटाला ने नई दिल्ली के हरियाणा भवन में हरियाणा की प्रस्तावित ’हरियाणा आत्मनिर्भर वस्त्र नीति-2022’ के प्रारूप को लेकर मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल और श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक भी उपस्थित थे।
                उपमुख्यमंत्री ने बताया कि आज ’हरियाणा आत्मनिर्भर वस्त्र नीति,2022’ के प्रारूप पर मंत्रिमंडलीय उप समिति द्वारा गहन विचार-विमर्श  किया गया है। उन्होंने कहा कि अब इस नीति को अनुमोदन के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और वर्ष 2025 तक की समय अवधि के लिए तैयार की गई इस नीति से करीब चार हजार करोड़ रुपये का निवेश तथा 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है।

डिप्टी सीएम ने बताया कि आज की बैठक में ’हरियाणा आत्मनिर्भर वस्त्र नीति-2022’ के लक्ष्य, उद्यमिता विस्तार, निवेश, रोजगार सृजन, अनुदान, टेक्सटाइल पार्क व अन्य संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि बैठक में ’राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन’ के संदर्भ में भी विमर्श हुआ। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस नीति के अंतर्गत टेक्निकल टेक्सटाइल को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिंथेटिक फाइबर व रीजेनरेटेड फाइबर इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाना भी इस नीति में शामिल किया गया है।
                उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में उद्योग लगाने के लिए निवेशक आगे आ रहे है क्योंकि सरकार ने औद्योगिक माहौल में सुधार के लिए कई प्रमुख कदम उठाए है और जिनकी बदौलत हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हरियाणा को एमएसएमई के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया था। इस क्षेत्र में जहां प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल हुआ है, वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी ‘स्टेट इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के पांचवें संस्करण में हरियाणा को टॉप अचीवर्स कैटेगरी में स्थान मिला है जो कि किसी भी राज्य के लिए गर्व की बात है।

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