खट्टर ने गुरुग्राम में शुरू की ई-बीट पुलिसिंग,

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

खट्टर ने गुरुग्राम में शुरू की ई-बीट पुलिसिंग,

-शहर के चप्पे-चप्पे की निगरानी करेंगे 119 राइडर; पढ़ें इसके फायदे

गुरूग्राम/- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में स्मार्ट ई-बीट सिस्टम का शुभारंभ किया। उन्होंने इस सिस्टम से जुड़े पुलिस के 119 मोटरसाइकिल राइडर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शहर के चप्पे-चप्पे पर ये राइडर निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस शुरुआत के साथ पुलिस का बीट सिस्टम पूरी तरह डिजिटलाइज्ड हो गया है। जल्द ही पुलिस की ई-बीट राइडर को डायल 112 से जोड़ा जाएगा। इसके बाद 112 पर किसी भी घटना की सूचना मिलने पर इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ईआरवी) के साथ-साथ राइडर भी मौके पर पहुंचेंगे। वहां पहुंचकर प्राथमिक मदद प्रदान करेंगे।
               मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम में स्मार्ट पुलिसिंग इनीशिएटिव के तहत ई-बीट सिस्टम की शुरुआत की गई है। यह एक ऐप आधारित सिस्टम है। बीट पर तैनात मोटरसाइकिल राइडर पुलिसकर्मी की हाजिरी भी इस ऐप पर लगेगी और उनकी निगरानी भी आसानी से की जा सकेगी। अब तक बीट पर लगाए गए पुलिसकर्मी मैनुअल तरीके से अपनी हाजिरी लगाते थे। उनकी निगरानी नहीं हो पाती थी।
               नई ई-बीट प्रणाली शहरी क्षेत्र में स्थित सभी 33 पुलिस थाना क्षेत्रों को कवर करेगी। इनमें 119 मोटरसाइकिल राइडर तैनात होंगे। प्रत्येक मोटरसाइकिल राइडर पर दो पुलिसकर्मी होंगे। इस लिहाज से दिन में तीन शिफ्ट में 714 पुलिसकर्मी राइडर पर ड्यूटी देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस ने शहर में 2056 संवदेनशील जगहों की पहचान की है, जिनमें एटीएम, पेट्रोल पंप, वरिष्ठ नागरिक के घर, कॉलेज, अपराध प्रभावित क्षेत्र आदि शामिल हैं।
               पुलिस आयुक्त कला रामचंद्रन ने बताया कि इस नए ई-बीट सिस्टम के अंतर्गत हर राइडर को अपने मोबाइल फोन में ई-बीट ऐप डाउनलोड करना होता है। जिस क्षेत्र में उनकी ड्यूटी लगाई गई है वहां जाकर वह राइडर इस ऐप पर पंच करके अपनी हाजिरी लगाते हैं। ऐप ऑफलाइन मोड में काम करता है।
               मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही पुलिसकर्मियों को फर्स्ट ऐड का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने इजरायल के एक मॉडल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहा बाइक पर वालंटियर काम करते हैं और घटनास्थल पर पहुंच कर घायलों को प्राथमिक उपचार मुहैया करवाते हैं। इस मॉडल को प्रदेश में भी लागू किया जाएगा।

ई-बीट के फायदे :
-शहर में पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी
-अपराधिक गतिविधियों पर पुलिस की रहेगी निगरानी
-ड्यूटी में पुलिसकर्मी नहीं बरत सकेंगे लापरवाही
-112 से जुड़ने के बाद घटनास्थल पर भी पहुंचेगे राइडर
-सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजदूगी से सुरक्षा होगी मजबूत

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox