दिल्ली पुलिस ने 12 घंटे में सुलझाई चलती ऑटो में जेवर चोरी की वारदात!

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August 15, 2026

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दिल्ली पुलिस ने 12 घंटे में सुलझाई चलती ऑटो में जेवर चोरी की वारदात!

-चार शातिर आरोपी गिरफ्तार -सस्ते किराए का लालच देकर यात्रियों को बनाते थे निशाना, चोरी के सोने-चांदी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  दिल्ली पुलिस की गुलाबी बाग थाना पुलिस ने चलती ऑटो में यात्रियों के बैग से जेवर चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, बैग की चेन खोलने का विशेष औजार ‘तिरारा’ तथा वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो-रिक्शा बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को बावाना निवासी राजेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने परिवार के साथ पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां एक ऑटो चालक ने कम किराए में घर छोड़ने का लालच दिया। रास्ते में प्रताप नगर मेट्रो स्टेशन के पास ऑटो खराब होने का बहाना बनाकर परिवार को उतार दिया गया। बाद में उन्होंने देखा कि उनके बैग से सोने-चांदी के जेवर चोरी हो चुके थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई संदीप कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी जांच के आधार पर ऑटो की पहचान कर उसके चालक नवाब तक पहुंच गई।

पुलिस ने कुछ ही घंटों में नवाब को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर उसके तीन साथी शाहिद उर्फ कालूवा, रफीक और नदीम उर्फ दरभंगा को भी जाकिर नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया। चारों आरोपी चोरी के माल का बंटवारा करने के लिए वहां एकत्र हुए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो बरामद कर लिया।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के बाहर परिवार के साथ सफर कर रहे यात्रियों को सस्ते किराए का लालच देकर अपने ऑटो में बैठाते थे। ऑटो में पहले से उनके दो साथी बैठे रहते थे। एक आरोपी अपने बैग की आड़ बनाकर यात्रियों का ध्यान भटकाता, जबकि दूसरा ‘तिरारा’ नामक औजार से बैग की चेन खोलकर जेवर और अन्य कीमती सामान निकाल लेता था। इसके बाद ऑटो खराब होने का बहाना बनाकर यात्रियों को बीच रास्ते उतार दिया जाता और आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का सरगना नफीस है, जिसके निर्देश पर आरोपी दिल्ली में वारदात को अंजाम देते थे। अपराध करने के बाद वे उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव लौट जाते थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपियों में रफीक के खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट के 12 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। अन्य आरोपी भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं और नशे की लत के चलते अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गए।

पुलिस अब गिरोह के सरगना नफीस की तलाश कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि यह गिरोह दिल्ली और एनसीआर में ऐसी कितनी वारदातों को अंजाम दे चुका है।

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