
मानसी शर्मा /- इस मामले में अदालत ने मीडिया को कोर्ट प्रोसिडिंग करने से रोका है। कोर्ट में चल रहे मुकदमे के बारे में मीडिया को पक्षकारों और उनके वकीलों को बताने पर भी रोक लगाई। प्लेसेस आफ वर्शिप एक्ट के तहत सिविल वाद की पोषणीयता पर बहस हो रही है। सिंगल बेंच मामले की सुनवाई जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने की है।बुधवार 6 दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के मालिकाना हक विवाद मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी है। जिसके कारण मामले की सुनवाई कल भी चलेगी। कल भी सुबह दस बजे सुनवाई होगी। मुस्लिम पक्ष ने आज दोपहर तक सुनवाई में दलीलें पेश कीं। हिंदू पक्ष ने दोपहर बाद हुई सुनवाई में अपनी दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की बहस कल भी जारी रहेगी।
इस मामले में अदालत ने कोर्ट प्रोसिडिंग की मीडिया पर प्रतिबंध लगाया है। कोर्ट में चल रहे मुकदमे की जानकारी मीडिया को देने पर भी रोक लगाई। प्लेसेस आफ वर्शिप एक्ट के तहत सिविल वाद की पोषणीयता पर बहस चल रही है। सिंगल बेंच मामला जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल के पास है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ज्ञानवापी विवाद से जुड़ी पांच याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रहा है। इनमें से तीन याचिकाएं 1991 में वाराणसी की अदालत में दाखिल किए गए केस से संबंधित हैं। जबकि ASI के सर्वेक्षण आदेश के खिलाफ दो अर्जियां हैं।
1991 के मुकदमे में हिंदुओं को विवादित जगह देने और वहां पूजा करने की अनुमति देने की मांग की गई। 1991 में वाराणसी की अदालत ने यह मुकदमा दायर किया। मुख्य रूप से हाईकोर्ट को निर्णय देना है कि वाराणसी की अदालत इस मामले को सुन सकती है या नहीं। तीन बार जजमेंट रद्द करने के बाद अदालत फिर से सुनवाई कर रही है।





More Stories
दिल्ली के 9 गांवों में फैक्ट्री लगेगी, वेयरहाउस बनेंगे, राघोपुर, धांसा, गालिबपुर, बदूसराय, ताजपुर में जमीन की होगी पैमाइश, टेंडर जारी
दिल्ली के बच्चों को बड़ी सौगात, 3 महीने में खुलेंगे 7 नए थीम पार्क; ऑक्टोपस और गरुड़ थीम होगी खास
बालोर गांव में 54 एकड़ जमीन पर प्रशासन ने लिया कब्जा, मुआवजा न मिलने पर किसानों का विरोध, पेड़ों का बाग उजाड़ने का भी लगाया आरोप
द्वारका कोर्ट से ट्रायल से बच रहा घोषित अपराधी गिरफ्तार, एंटी-जेल बेल सेल की टीम को मिली सफलता।
CCTV की मदद से मिला इंजीनियर का खोया लैपटॉप और पासपोर्ट
दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा 30 फुट ऊंचा कॉकरोच का पुतला, पितमपुरा रामलीला की अनोखी पहल