नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इजरायली सेना ने एक ऐसा मानचित्र जारी किया है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दे दिया है। इजरायली रक्षा बलों का कहना है कि ईरान की मिसाइल क्षमता केवल इजरायल तक सीमित खतरा नहीं है, बल्कि इसका दायरा दुनिया के कई बड़े देशों तक फैल चुका है। इजरायली सेना ने पहली बार सार्वजनिक रूप से एक विस्तृत नक्शा जारी करते हुए बताया है कि ईरान की विभिन्न बैलिस्टिक मिसाइलें कितनी दूरी तक हमला करने में सक्षम हैं। इस नक्शे के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि ईरान की मिसाइलें पश्चिम एशिया से लेकर एशिया और यूरोप के कई हिस्सों तक पहुंच सकती हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किया गया मानचित्र
इजरायली सेना ने यह मानचित्र अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। पोस्ट के साथ लिखा गया कि ईरानी शासन की सैन्य क्षमताएं केवल इजरायल के लिए ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। इस मानचित्र में ईरान की मिसाइलों की मारक क्षमता को अलग-अलग दूरी के आधार पर दर्शाया गया है, जिससे यह समझाया गया है कि कौन-कौन से क्षेत्र संभावित रूप से इनके दायरे में आते हैं।
मिसाइलों की दूरी के आधार पर दिखाया गया खतरा
जारी किए गए नक्शे में ईरान की मिसाइलों की क्षमता को चार अलग-अलग दूरी के दायरों में दर्शाया गया है। इसमें लगभग तीन सौ किलोमीटर, एक हजार किलोमीटर, दो हजार किलोमीटर और तीन हजार किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलों की सीमा दिखाई गई है। इस ग्राफिक प्रस्तुति में बताया गया है कि जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, वैसे-वैसे अधिक देशों और क्षेत्रों को संभावित खतरे के दायरे में शामिल किया जाता है।
भारत भी मिसाइल रेंज के दायरे में दिखाया गया
इस मानचित्र में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि भारत को भी ईरानी मिसाइलों की संभावित रेंज में दिखाया गया है। नक्शे के अनुसार भारत का पश्चिमी हिस्सा लगभग एक हजार किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों के दायरे में बताया गया है। इसके अलावा देश का बड़ा हिस्सा दो हजार किलोमीटर की रेंज वाली मिसाइलों की पहुंच में आता हुआ दिखाया गया है, जबकि तीन हजार किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलों की सीमा में पूरे भारत को शामिल दिखाया गया है। इस दावे ने सुरक्षा और रणनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
यूरोप, रूस और चीन के हिस्से भी बताए दायरे में
इजरायली सेना द्वारा जारी किए गए इस नक्शे में केवल भारत ही नहीं बल्कि रूस और चीन के कई हिस्सों को भी संभावित मिसाइल रेंज में दर्शाया गया है। इसके अलावा पूरे यूरोप को भी तीन हजार किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलों के दायरे में दिखाया गया है। इससे यह संकेत देने की कोशिश की गई है कि ईरान की सैन्य क्षमता का प्रभाव केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर व्यापक अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिदृश्य पर भी पड़ सकता है।
वैश्विक सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इजरायली सेना की ओर से जारी यह मानचित्र ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के दावों और सैन्य आकलनों से क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा और तेज हो सकती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से नहीं की गई है, लेकिन इस खुलासे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन को लेकर नई चिंताएं जरूर पैदा कर दी हैं।


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