ईरान-इस्राइल तनाव: खामेनेई को खत्म करने की योजना का बड़ा खुलासा

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-यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट में इस्राइली रक्षा मंत्री का दावा

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   यरुशलम पोस्ट की एक रिपोर्ट में इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज के हवाले से बड़ा खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस्राइली सरकार ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को समाप्त करने का निर्णय पिछले वर्ष नवंबर में ही ले लिया था। बताया गया कि शुरुआत में इस मिशन को लगभग छह महीने बाद अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। हालांकि ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए इस योजना की समयसीमा में बदलाव किया गया और इसे पहले ही आगे बढ़ाने का फैसला किया गया।

गोपनीय सुरक्षा बैठक में तय हुआ लक्ष्य
रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में बताया कि यह रणनीतिक निर्णय एक अत्यंत गोपनीय उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक के दौरान लिया गया था। इस बैठक में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी मौजूद थे। बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और ईरान की गतिविधियों पर चर्चा हुई, जिसके बाद खामेनेई को निशाना बनाने का लक्ष्य तय किया गया। इस फैसले को इस्राइल की सुरक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

ईरान की आंतरिक स्थिति के कारण बदली योजना
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान में बढ़ते आंतरिक विरोध और राजनीतिक दबाव को देखते हुए इस ऑपरेशन की समयसीमा में बदलाव किया गया। इस्राइली नेतृत्व को आशंका थी कि तेहरान में बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया में इस्राइल और अमेरिका से जुड़े ठिकानों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई को जन्म दे सकता है। इसी वजह से इस रणनीति को वाशिंगटन के साथ साझा करते हुए ऑपरेशन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ और ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत कार्रवाई
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ और ‘एपिक फ्यूरी’ नामक सैन्य अभियान के शुरुआती चरण में की गई। शनिवार को शुरू हुए इन अभियानों के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संस्थानों को निशाना बनाया गया। यह पहली बार बताया जा रहा है कि किसी संप्रभु देश के शीर्ष नेता को हवाई हमले के जरिए निशाना बनाया गया। इस्राइल का कहना है कि उसका उद्देश्य ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु गतिविधियों से उत्पन्न खतरे को खत्म करना है।

तेहरान और अन्य इलाकों में तेज हुए हवाई हमले
इस बड़े हमले के बाद इस्राइल रक्षा बलों ने ईरान के कई सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं। आईडीएफ ने बताया कि तेहरान में हमलों की बारहवीं लहर पूरी कर ली गई है। इन हमलों में ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ढांचे और सुरक्षा तंत्र को निशाना बनाया गया है। इस्राइली सेना का दावा है कि इन कार्रवाइयों से ईरानी सुरक्षा व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।

अलबरज प्रांत में विशेष इकाई का मुख्यालय भी निशाने पर
इसी अभियान के दौरान अलबरज प्रांत में स्थित एक विशेष सुरक्षा इकाई के मुख्यालय पर भी हमला किया गया। यह इकाई ईरान के आंतरिक सुरक्षा बलों का संचालन और समन्वय करती है। इस्राइल वायु सेना के अनुसार इस हमले में बासिज अर्धसैनिक बल और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े कई ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।

हथियार भंडारण और सैन्य ढांचों पर भी कार्रवाई
आईडीएफ के अनुसार इस अभियान में हथियारों के भंडारण, उत्पादन और संचालन से जुड़े कई ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं। सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य तंत्र को कमजोर करना और उसके रणनीतिक नेटवर्क को नुकसान पहुंचाना है। इस्राइल ने यह भी कहा कि तेहरान में मौजूद कई कमांड सेंटर और सैन्य ढांचे अब उसके निशाने पर हैं।

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