बजट में बड़ा ऐलान, बहादुरगढ़ के ऐतिहासिक औद्योगिक क्षेत्र को ‘सक्षम योजना’ का संरक्षण

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September 19, 2026

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-1957 में विकसित औद्योगिक क्षेत्र को मिला नया सहारा

हरियाणा/उमा सक्सेना/-  हरियाणा सरकार ने बजट में एक अहम घोषणा करते हुए बहादुरगढ़ के पुराने औद्योगिक क्षेत्र को ‘सक्षम योजना’ के अंतर्गत शामिल करने का निर्णय लिया है। यह वही औद्योगिक सेक्टर है जिसकी स्थापना संयुक्त पंजाब के दौर में वर्ष 1957 में की गई थी। अब इस योजना के तहत इस क्षेत्र के विकास और आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। सरकार की इस पहल से दशकों पुराने इस औद्योगिक क्षेत्र को नई ऊर्जा और विकास की दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

औद्योगिक क्षेत्र के लिए बनेगा विशेष फंड
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि संयुक्त पंजाब के समय स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक विशेष कोष बनाया जाएगा, जिसकी शुरुआती राशि लगभग 500 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसी योजना के तहत बहादुरगढ़ के इस औद्योगिक क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। इससे पहले सरकार यहां के विकास कार्यों के लिए करीब सात करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुकी है और कई परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो चुका है। अब नई योजना के लागू होने के बाद उद्योगों को आधारभूत सुविधाओं की कमी नहीं रहेगी।

हरियाणा के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में से एक
बहादुरगढ़ का यह औद्योगिक सेक्टर हरियाणा के सबसे पुराने औद्योगिक इलाकों में गिना जाता है। देश की आजादी के कुछ ही वर्षों बाद इस क्षेत्र को औद्योगिक गतिविधियों के लिए विकसित किया गया था। समय के साथ यहां आबादी बढ़ती गई और कई उद्योग दूसरी जगहों पर स्थानांतरित हो गए, लेकिन आज भी यहां अनेक प्रतिष्ठित उद्योग संचालित हो रहे हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र में करीब 50 प्रतिशत उद्योग सक्रिय हैं, जो बहादुरगढ़ को औद्योगिक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

विभिन्न उद्योगों से मिलता है बड़े पैमाने पर रोजगार
इस औद्योगिक क्षेत्र में एयर कंडीशनर, तेल उत्पादन, फुटवियर, फैब्रिकेशन, रेलवे ब्रेक, ऑटो पार्ट्स और अन्य कई प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इन उत्पादों की मांग देश के विभिन्न हिस्सों में रहती है। यही कारण है कि यहां लंबे समय से विभिन्न राज्यों से आए कामगारों की कई पीढ़ियों को रोजगार मिलता रहा है। इस औद्योगिक क्षेत्र में 605 वर्ग गज से लेकर चार एकड़ तक के प्लॉट मौजूद हैं, जिनमें बड़े और मध्यम स्तर के उद्योग संचालित हैं।

प्रशासनिक जिम्मेदारी में हुआ बदलाव
पहले यह औद्योगिक क्षेत्र जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के अधीन आता था, लेकिन अब इसकी देखरेख हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचना एवं विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) को सौंप दी गई है। सरकार की नई योजना के लागू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि यहां आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा और उद्योगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उद्योगों को मिलेगा विकास का नया अवसर
राज्य सरकार की ‘सक्षम योजना’ के तहत शामिल होने से बहादुरगढ़ के इस ऐतिहासिक औद्योगिक क्षेत्र को नई पहचान और मजबूती मिलने की संभावना है। इससे न केवल पुराने उद्योगों को फायदा होगा बल्कि भविष्य में नए निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।

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