अनंत चतुर्दशी: पूजा का सही तरीका और शुभ मुहूर्त,

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August 15, 2026

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अनंत चतुर्दशी: पूजा का सही तरीका और शुभ मुहूर्त,

धर्म/सिमरन मोरया/-  अनंत चतुर्दशी हिंदू धर्म के लोगों के लिए खास होता है, जिसे काफी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है और गणेश उत्सव का भी समापन होता है। इसे लोग अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। यानी की इस दिन गणेश विसर्जन के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा भी की जाती है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और अनंत भगवान की पूजा करने से सारे दुख-दर्द समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं इस बार अनंत चतुर्दशी का पर्व 6 सितंबर, शनिवार को मनाया जाएगा।

अनंत चतुर्दशी के व्रत की खासियत
अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते हैं वह एक खास धागा बांधते है। जिसे अनंत सूत्र कहते हैं। ये धागा चौदह गांठों वाला होता है, जो भगवान विष्णु के चौदह लोकों का प्रतीक माना जाता है। जो कोई भी इस व्रत को विधि-पूर्वक रखता है और अनंत सूत्र को पहनता है, उसे जीवन में सब कामयाबी और खुशहाली मिलती है। साथ ही, गणेश उत्सव का समापन भी अनंत चतुर्दशी को ही होता है। इस दिन सारे भक्त बड़े शौर्य के साथ गणपति बप्पा मोरया कहते हुए गणेश जी को विदा करते हैं।

क्या है पूजन का मुहूर्त?
अनंत चतुर्दशी की तिथि 6 सितंबर को सुबह 3 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 7 सितंबर को अर्धरात्रि 1 बजकर 41 मिनट पर होगा। वहीं पूजन मुहूर्त 6 सितंबर को शाम 6 बजकर 02 मिनट से लेकर 7 सितंबर की अर्धरात्रि 1 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

पूजा की विधि
पूजा की शुरुआत सुबह स्नान करके साफ-सुथरे कपड़े पहनकर होती है। फिर घर के साफ जगह पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर रखकर पूजा की जाती है। पूजा में रोली, चावल, फूल, फल, मिठाई और तांबे के पात्र का इस्तेमाल किया जाता है। अनंत सूत्र को पूजा के बाद हाथ में बांधा जाता है, महिलाएं इसे बाएं हाथ में पहनती हैं। पूजा के बाद अनंत चतुर्दशी की कथा सुनी जाती है और अंत में आरती करके प्रसाद बांटा जाता है।

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