SC-ST एक्ट के विरोध में 7 फरवरी से दिल्ली में आंदोलन का ऐलान

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September 17, 2026

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-शंकराचार्य से मुलाकात के बाद अलंकार अग्निहोत्री का बयान

बरेली/काशी/उमा सक्सेना/-    बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC-ST एक्ट) के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यदि 6 फरवरी तक इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो 7 फरवरी से दिल्ली में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। काशी के केदारघाट स्थित विद्या मठ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात और आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह बात कही। अग्निहोत्री का कहना है कि यह मुलाकात किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं बल्कि सामाजिक विषयों पर मार्गदर्शन लेने के उद्देश्य से थी।

कानून और नीतियों पर जताई नाराजगी
अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए SC-ST एक्ट और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावित यूजीसी नियमों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के प्रावधानों का दुरुपयोग हो रहा है, जिससे समाज के एक बड़े वर्ग को कानूनी और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनके अनुसार, इस मुद्दे को लेकर देशभर में असंतोष है और इसे समाप्त करने की मांग तेज हो रही है।

दिल्ली घेराव की चेतावनी
पूर्व अधिकारी ने कहा कि यदि तय समयसीमा तक कोई निर्णय नहीं हुआ तो राजधानी में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि यह संघर्ष राज्य स्तर का नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर का है। उनका आरोप है कि प्रशासन पर अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है और नीतियों में संतुलन की कमी दिखाई दे रही है।

इस्तीफे के बाद लगातार सक्रिय
माघ मेले के दौरान हुए विवाद के बाद पद से इस्तीफा देने के बाद से अग्निहोत्री लगातार चर्चा में बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर वे पहले भी मुखर रहे हैं और आगे भी अपनी बात मजबूती से रखते रहेंगे। शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों पर उन्होंने संस्थागत ढांचे में सुधार की जरूरत बताई।

आगे की रणनीति पर नजर
अब सबकी निगाहें 6 फरवरी की समयसीमा और 7 फरवरी से प्रस्तावित आंदोलन पर टिकी हैं। प्रशासन और राजनीतिक हलकों में भी इस बयान को लेकर हलचल तेज हो गई है।

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