नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/ऋषिकेश/मनोजीत सिंह/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश की ओर से कोरोना वायरस (कोविड 19) के विश्वव्यापी बढ़ते दुष्प्रभाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री केयर फंड में 80 लाख से अधिक की धनराशि दान की गई है। जिसमें संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों का एक दिन का वेतन शामिल है।
संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि कोविड 19 के विश्वव्यापी दुष्प्रभाव के चलते संस्थान मरीजों की चिकित्सकीय सहायता के लिए अपनी ओर से हरसंभव प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में संस्थान की ओर से पीएम केयर फंड में कर्मचारियों का एक दिन का वेतन करीब 80 लाख रूपये की धनराशि दी गई है। उन्होंने बताया कि संस्थान हमेशा जनहित व स्वास्थ्य सेवा को लेकर तत्पर रहता है, लिहाजा एम्स ऋषिकेश संकट की इस घड़ी में अपने संपूर्ण संसाधनों से मरीजों की सेवा में जुटा है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि संस्थान की ओर से कोरोना मरीजों के लिए एम्स में 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड संचालित किया जा रहा है और इस संख्या को जल्द बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मरीजों के सैंपल की जांच के लिए माइक्रो बायोलॉजी विभाग में प्रयोगशाला शुरू कर दी गई है,जिसमें संस्थान में आने वाले कोविड 19 आशंकित मरीजों के अलावा राज्य के विभिन्न अस्पतालों से आने वाले नमूनो की जांच भी नियमिततौर पर की जा रही है। निदेशक एम्स प्रो.रवि कांत ने बताया कि संस्थान द्वारा कोविड 19 ग्रसित मरीजों की सुविधा के लिए संस्थान में वेंटीलेटर्स की संख्या 65 से बढ़ाकर 200 की जा रही है। इस दिशा में कार्य चल रहा है। ऋषिकेश एम्स समय-समय पर अपना योगदान करता आ रहा है। सामाजिक कार्यों में जब से संस्थान शुरू हुआ है। चाहे आर्थिक तौर पर हो या उपचार के तहत। ऋषिकेश एम्स उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है।


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