RBI का बड़ा तोहफा: रेपो रेट तीसरी बार घटा, अब लोन लेना होगा और आसान

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

RBI का बड़ा तोहफा: रेपो रेट तीसरी बार घटा, अब लोन लेना होगा और आसान

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने करोड़ों आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कटौती की है। शुक्रवार को आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ऐलान किया कि रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट्स (0.5%) की कटौती की गई है। अब यह दर 6.00% से घटकर 5.50% हो गई है।

होम लोन, कार लोन होंगे सस्ते
इस फैसले के बाद होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन पर ब्याज दरों में कमी आएगी, जिससे आम लोगों की ईएमआई घटेगी और उन्हें मासिक बजट में राहत मिलेगी। साथ ही लोग ज्यादा बचत कर पाएंगे और अन्य ज़रूरी चीजों पर खर्च भी बढ़ा सकेंगे।

RBI गवर्नर ने क्या कहा
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा,मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने तरलता समायोजन सुविधा के तहत नीतिगत रेपो दर को 50 आधार अंकों से घटाकर 5.50% करने का निर्णय लिया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

इसके साथ ही उन्होंने बताया स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर अब 5.25% होगी सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर और बैंक दर 5.75% पर समायोजित होंगी।

नीतिगत रुख में भी बदलाव
आरबीआई ने केवल रेपो रेट ही नहीं घटाया, बल्कि अपने नीतिगत रुख को भी ‘उदार (Accommodative)’ से ‘तटस्थ (Neutral)’ कर दिया है। गवर्नर ने कहा, तेजी से बदलती वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण की निरंतर निगरानी और आकलन की आवश्यकता है। इस समय विकास को समर्थन देने के लिए सीमित गुंजाइश बची है।

पिछले कुछ वर्षों में रेपो रेट का सफर

मई 2020: कोविड-19 के दौरान RBI ने 0.40% की कटौती की थी

जून 2023: रेपो रेट बढ़ाकर 6.5% किया गया

फरवरी 2025: 5 वर्षों बाद पहली बार कटौती, रेपो रेट 6.0% हुआ

अब जून 2025 में: तीसरी बार कटौती कर 5.5% कर दिया गया

इस तरह, फरवरी से अब तक कुल 100 बेसिस पॉइंट्स (1.00%) की कटौती हो चुकी है।

आम जनता के लिए खुशखबरी
रेपो रेट में कटौती का सीधा असर बैंकों की उधारी दरों पर पड़ता है। इससे बैंकों द्वारा दिए जाने वाले सभी प्रकार के लोन सस्ते हो जाते हैं। यानी, जिन लोगों ने होम लोन, पर्सनल लोन या व्हीकल लोन ले रखा है, उनकी EMI में सीधी कटौती देखने को मिलेगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox