सिंघु बॉर्डर पर स्थानीय गांवों के लोगों ने दिया राजमार्ग खाली करने का अल्टीमेटम

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October 9, 2026

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सिंघु बॉर्डर पर स्थानीय गांवों के लोगों ने दिया राजमार्ग खाली करने का अल्टीमेटम

-26 जनवरी पर हिंसा व तिरंगे के अपमान से आक्रोशित है ग्रामीण

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर किसान आंदोलन के तहत ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा व तिरंगे के अपमान को लेकर के पूरे देश में लोगों में काफी गुस्सा है और लोग किसान आंदोलन के खिलाफ अब खुलकर आवाज भी उठा रहे हैं। पिछले दो दिन में किसान आंदोलन में आये किसान भी इस घटना से काफी दुखी है और वो भी अब आंदोलन को छोड़कर घर वापसी कर रहे हैं। वहीं सिंघु बार्डर पर स्थानीय लोग आंदोलन कारी किसानों के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार कर रहे है और ग्रामीणों ने आंदोलन कारियों को राजमार्ग खाली करने का अल्टीमेटम तक दे दिया है। हालांकि प्रशासन ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए किसान आंदोलनकारियों के आसपास सुरक्षा बल बढ़ा दिये है। ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से निपटा जा सके।
                        प्रदर्शनकारी बैरियर के नजदीक किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के स्टेज के पास जुटे हैं। भारी संख्या में दिल्ली पुलिस भी मौके पर पहुंची है जो बैरिकेडिंग कर रही है और प्रदर्शनकारियों को सड़क की दूसरी तरफ आने से रोक रही है। प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा की जा रही बैरिकेडिंग का विरोध कर रहे हैं। गांव वाले लाल किले पर हुई हिंसा को लेकर भी खासे नाराज दिखाई दिए। किसान आंदोलन के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में हिंदू सेना संगठन के सदस्य और स्थानीय नागरिक शामिल थे, जो अपने साथ तिरंगा लेकर आए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लाल किले में तिरंगे का जो अपमान किया गया उसे हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे।
                       ग्रामीणों का कहना है कि वे अबतक यहां प्रदर्शन करने वाले किसानों की मदद कर रहे थे लेकिन गणतंत्र दिवस के मौके पर जो हुआ उससे वे काफी नाराज हैं। बता दें कि गणतंत्र दिवस के दौरान हुई हिंसा के बाद से ही अलग-अलग प्रदर्शनस्थल पर सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। ऐसे में जो लोग प्रदर्शन करने के लिए आए वे भी कुछ दूरी पर प्रदर्शन कर रहे थे। स्थानीय प्रदर्शनकारी कुछ समय बाद वापस लौट गए।

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