“Four Stars of Destiny” को लेकर आखिर क्यों हुआ सदन में बवाल?   

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September 17, 2026

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“Four Stars of Destiny” को लेकर आखिर क्यों हुआ सदन में बवाल?   

-किताब को प्रकाशित होने से रोका गया -राहुल गांधी के दावे

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  संसद का बजट सत्र चल रहा है। बजट सत्र के दौरान सोमवार यानी 2 फरवरी को राहुल गांधी और राजनाथ सिंह में तीखी नोकझोक हुई। अमित शाह ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कई बार उन्हें रोका।

ये सबकुछ हुआ एक किताब को लेकर। बड़ी बात ये है कि ये किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है। दरअसल, पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब  Four Stars Of Destiny का जिक्र राहुल गांधी करना चाहते थे। जिसपर संसद के नियमों का हवाला देते हुए रोका गया।

राहुल गांधी के क्या दावे
दरअसल राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ की किताब का हवाला देते हुए डोकलाम की घटना का जिक्र करना चाहा। हालांकि, उन्हें नियमों का हवाला देते हुए बोलने से रोका गया। कांग्रेस और विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ नियमों का मामला नहीं है, बल्कि सूचना को दबाने का प्रयास है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उन तथ्यों को सामने आने से रोक रही है, जो 2020 के चीन विवाद की भूमिका पर सवाल खड़े करते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि अगर किताब में कुछ खतरनाक या गलता है, तो सरकार उसे सार्वजनिक बहस के लिए सामने लाए।

किताब क्यों नहीं हुई प्रकाशित
दरअसल, आर्मी के नियम 1954 के सेक्शन 21 के तहत सेना से जुड़े विषयों या सुरक्षा मामलों पर कोई सामग्री प्रकाशित नहीं की जा सकती। कोई भी सेना-संबंधी जानकारी प्रेस को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बताई या प्रकाशित नहीं हो सकती है। बिना केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति के ऐसी किताब या लेख को प्रकाशित नहीं किया जा सकता। यहां सूचना सेवा में वे बातें आती हैं जो सशस्त्र बलों की रणनीति, नीति, संचालन और सरकार के बीच निर्णय प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी हो, ये सब सेना नियमों के तहत आते हैं।

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