मंगोलपुर खुर्द में कर और निगम नीतियों पर महापंचायत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-ग्रामीणों ने टैक्स राहत को लेकर उठाई एकजुट आवाज

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-        राजधानी के मंगोलपुर खुर्द गांव में रविवार को हाउस टैक्स और नगर निगम से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक विषयों को लेकर एक व्यापक पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली देहात के अनेक गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर ग्रामीण हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अगुवाई बिजेंदर पहलवान ने की। इस अवसर पर दिल्ली पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव, पालम 360 गांव खाप के अध्यक्ष रामकुमार सोलंकी, साइकिल संस्था के अध्यक्ष पारस त्यागी, युवा सभा दिल्ली 360 गांव के अध्यक्ष विजयमान तथा स्थानीय प्रतिनिधि गौरव शौकीन समेत कई सामाजिक और ग्रामीण नेता मौजूद रहे।

25 गांवों के प्रतिनिधियों की भागीदारी, साझा मंच पर उठीं समस्याएं
पंचायत में दिल्ली के करीब पच्चीस गांवों से आए गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें सुल्तानपुर से हरज्ञान, पुठकला से संजय शौकीन, मंगोलपुर के बालकिशन, रविंदर शौकीन सहित अनेक प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की परेशानियों और सुझावों को खुलकर सामने रखा। ग्रामीणों ने निगम कर, विकास शुल्क और अन्य आर्थिक बोझ को लेकर चिंता जताई और राहत की मांग दोहराई।

बजट प्रस्तावों का स्वागत, लेकिन पूर्ण छूट की मांग बरकरार
बैठक के दौरान थान सिंह यादव ने जानकारी दी कि नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्या शर्मा ने आगामी बजट में गांवों के 200 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों को संपत्ति कर से मुक्त रखने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, इस श्रेणी में केवल व्यावसायिक उपयोग वाले हिस्से पर टैक्स लगाने तथा भवन उपनियमों में ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष छूट देने की योजना भी शामिल है। इस पहल का पंचायत ने सामूहिक रूप से स्वागत करते हुए प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि गांवों को और अधिक राहत की आवश्यकता है।

वैल्यूएशन कमेटी में ग्रामीण प्रतिनिधित्व और सभी शुल्कों से मुक्ति की मांग
सभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के तहत मांग की गई कि संपत्ति मूल्यांकन समिति में देहात क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए, ताकि निर्णय प्रक्रिया में गांवों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त हाउस टैक्स, पार्किंग शुल्क, कन्वर्जन चार्ज और अन्य सभी प्रकार के करों से गांवों को पूरी तरह छूट देने की मांग रखी गई। ग्रामीणों का कहना था कि यदि गांवों को व्यावसायिक श्रेणी में रखा जाए तो स्थानीय स्तर पर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं को लाभ मिलेगा।

अगली रणनीति के लिए फिर होगी बैठक
पंचायत के अंत में यह निर्णय लिया गया कि नगर निगम का बजट पारित होने के बाद 15 फरवरी को पुनः एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी और मांगों को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का संकल्प दोहराया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox