एनएचआरडीएफ के पांच दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण का समापन, 10 राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एनएचआरडीएफ के पांच दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण का समापन, 10 राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

-वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण और उद्यमिता पर मिला प्रशिक्षण, किसानों व युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (NHRDF), नई दिल्ली द्वारा आयोजित “मशरूम उत्पादन तकनीक एवं सस्योत्तर प्रबंधन” विषयक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। 13 से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण में दिल्ली सहित देश के 10 राज्यों से आए 27 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मशरूम उत्पादन को वैज्ञानिक, लाभकारी और टिकाऊ कृषि उद्यम के रूप में बढ़ावा देना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन एनएचआरडीएफ के निदेशक डॉ. पी. के. गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम की वैज्ञानिक खेती, धान एवं गेहूं के भूसे जैसे कृषि अवशेषों के उपयोग, पराली जलाने के पर्यावरण अनुकूल विकल्प, मशरूम प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, विपणन और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

तकनीकी सत्रों का संचालन सहायक निदेशक एवं प्रशिक्षण समन्वयक श्री एस. सी. तिवारी ने किया। उन्होंने बटन, ऑयस्टर (ढींगरी), मिल्की और शिटाके मशरूम की खेती, रोग एवं कीट प्रबंधन, स्पॉन उत्पादन, कटाई के बाद प्रबंधन तथा व्यावसायिक उत्पादन तकनीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा प्रतिभागियों को हरियाणा के मुरथल स्थित एचएआईसी मशरूम अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा आर.के. मशरूम फार्म का भ्रमण कराकर व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।

समापन समारोह में एनएचआरडीएफ के अध्यक्ष डॉ. बिजेन्दर सिंह ने कहा कि मशरूम उत्पादन किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने और स्वयं मशरूम उत्पादन इकाइयां स्थापित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने “भारत में मशरूम की खेती” पुस्तक का विमोचन भी किया, जो मशरूम उत्पादकों और उद्यमियों के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका है।

कार्यक्रम के दौरान सफल मशरूम उद्यमी श्रीमती नेहा शर्मा ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि एनएचआरडीएफ के तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने सफल व्यवसाय स्थापित किया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उनकी तकनीकी समझ और उद्यमिता कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox