एसजीटीयू के दीक्षांत समारोह में जोश, जज्बे के साथ दिखा विकसित भारत का संकल्प

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October 8, 2026

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एसजीटीयू के दीक्षांत समारोह में जोश, जज्बे के साथ दिखा विकसित भारत का संकल्प

-टेक्नोलॉजी की उन्नति के साथ टेंपल को भी याद रखना होगा -भारत के तेज आर्थिक विकास पर भी गहन मंथन

गुरुग्राम/-   छात्र-छात्राओं के चेहरे पर डिग्री पाने की चमक, मन में भविष्य के सपने, बड़ा लक्ष्य पाने का दृढ़ विश्वास, अभिभावकों की आंखों में खुशी की नमी, टीचर्स के मनोभावों में संतोष, हजारों भावी कर्णधारों की उम्मीदों, उमंगों का लहराता समंदर। यह जीवंत नजारा था गुरुग्राम स्थित एसजीटी यूनिवर्सिटी के 12 वें दीक्षांत समारोह का। उल्लास इतना था कि संभाले नहीं संभल रहा था। भव्य कार्यक्रम में 19 स्ट्रीमों के विद्यार्थियों ने डिग्री, डिप्लोमा, टॉपर मेडल लेकर वहां मौजूद अध्यापकों के साथ माता-पिता से भी आशीर्वाद लिया। छात्र-छात्राओं की संख्या इतनी ज्यादा थी कि तीन घंटे तक तो डिग्री व पुरस्कार वितरण ही चलता रहा। इस अवसर पर विशेष सोविनियर का विमोचन किया गया।
 सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश के वाइस चांसलर प्रो.(डॉ) सत प्रकाश बंसल ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन की शुरुआत स्वामी विवेकानंद एवं पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के प्रेरक उद्धरणों से की। उन्होंने कहा कि छात्रों को लक्ष्य तय करके अपने सपनों को साकार रूप देना है। युवा शक्ति के दम पर ही भारत का विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य पूरा होगा।

छात्रों को अपने समाज व आमजन के लिए भी कुछ खास करना है। उन्होंने एसजीटी यूनिवर्सिटी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस संस्थान ने एकेडमिया और रिसर्च, दोनों में विशेष उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि भारत में विद्यार्थियों की संख्या 25 करोड़ है जो विश्व में सर्वाधिक है। इसके अलावा  60 करोड़ युवा आबादी है। आनुपातिक औसत युवा आबादी के मामले में हम जापान और जर्मनी से भी आगे हैं। उन्होंने बताया कि
 देश में 58 प्रतिशत कार्यशील आबादी है जो अगले कुछ वर्षों में सौ करोड़ तक पहुंच जाएगी। नई शिक्षा नीति (2020) की प्रशंसा करते

प्रो. बंसल ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। कौशल की कमी दूर करके विद्यार्थियों को नई दिशा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि विकास करो पर अपनी जड़ों को मत भूलो। टेक्नोलॉजी की उन्नति के साथ टेंपल को भी याद रखना होगा।

इस मौके पर प्रो.(डॉ) आलोक कुमार राय,
डायरेक्टर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कोलकाता ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए  शुरुआत से सफलता के प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के विभिन्न सोपानों का उल्लेख किया। उन्होंने महात्मा गांधी, राजाराममोहन राय, वेद,  उपनिषद व कई अन्य उदाहरण देते हुए संघर्ष और सफलता की व्याख्या की। उन्होंने भारत की आर्थिक स्थिति को विश्व के संदर्भ में तुलनात्मक रूप से समझाया। उनके अनुसार आर्थिक मोर्चे पर भारत के तेज विकास का एक बिंदु संसाधनों का कुशल प्रबंधन भी है।

कन्वोकेशन में एसजीटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ) हेमंत वर्मा ने वेलकम एड्रेस किया और वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। एसजीटीयू के कुलाधिपति पद्मश्री एवं पद्मभूषण राम बहादुर राय, दशमेश एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी मनमोहन सिंह चावला, चेयरपर्सन मधु प्रीत कौर चावला, प्रो वीसी प्रो.(डॉ) नासा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी व पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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