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September 17, 2026

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रुद्रप्रयाग में बारिश और भूस्खलन का कहर

-8 लोग लापता, एक महिला की मौत, राहत-बचाव अभियान जारी

रुद्रप्रयाग/अनीशा चौहान/- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में भारी बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। जिले के बसुकेदार ब्लॉक के छेनागाड़ क्षेत्र में 8 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि जखोली क्षेत्र में एक महिला की मौत हो चुकी है। आपदा प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है।

मोटरपुल बहा, हज़ारों लोग घरों में कैद
ल्वारा-गुप्तकाशी मोटरमार्ग पर ल्वारा स्थित मोटरपुल बारिश के तेज बहाव में बह गया। यह मार्ग केदारनाथ यात्रा का वैकल्पिक मार्ग माना जाता है। पुल टूटने से हज़ारों की आबादी अपने घरों में कैद होकर रह गई है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

तालजामण और छेनागाड़ में रेस्क्यू अभियान
तालजामण, बडेथ और छेनागाड़ जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू टीमें पहुंच चुकी हैं। तालजामण क्षेत्र में गधेरे के दूसरे छोर पर फंसे ग्रामीणों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। प्रशासन ने राहत केंद्र के रूप में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, तालजामण को चुना है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है।

मकान क्षतिग्रस्त, मेडिकल टीम मौके पर
अतिवृष्टि से तालजामण क्षेत्र में 4 से 5 मकानों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 4 डॉक्टरों की मेडिकल टीम मौके पर भेजी गई है, जो अगले तीन दिनों तक क्षेत्र में रहकर स्वास्थ्य सेवाएं देगी।

प्रशासन सतर्क, पशुधन के लिए भी व्यवस्था
जिलाधिकारी ने बंद पड़ी सड़कों को खोलने के निर्देश जारी किए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी भेजी जा रही है ताकि मलबे में फंसे पशुओं को निकाला जा सके। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को प्रभावित पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।

रुद्रप्रयाग जिले में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हर प्रभावित व्यक्ति और परिवार तक सहायता पहुंचाई जाएगी।

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