बुलडोजर मामले में केंद्र सरकार को मायवती ने दी सलाह, कहा- एक-समान गाइडलाइन्स बनाना चाहिए

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 2, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बुलडोजर मामले में केंद्र सरकार को मायवती ने दी सलाह, कहा- एक-समान गाइडलाइन्स बनाना चाहिए

मानसी शर्मा /-  बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार को एक सलाह दी है। उन्होंने एक एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बुलडोजर विध्वंस कानून का राज का प्रतीक नहीं होने के बावजूद इसके प्रयोग की बढ़ती प्रवृति चिन्तनीय।

बसपा प्रमुख मायवती ने कहा कि वैसे बुलडोजर व अन्य किसी मामले में जब आम जनता उससे सहमत नहीं होती है तो फिर केन्द्र को आगे आकर उस पर पूरे देश के लिए एक-समान गाइडलाइन्स बनाना चाहिए, जो नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुलडोजर एक्शन के मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट को इसमें दख़ल देकर केन्द्र सरकार की ज़िम्मेवारी को खुद नहीं निभाना पड़ता, जो यह ज़रूरी था। केन्द्र व राज्य सरकारें संविधान व कानूनी राज के अमल होने पर ज़रूर ध्यान दें।

सीएम योगी पर बरसीं थी मायवती

इससे पहले भी मायवती ने बुलडोजर एक्शन पर यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि देश में आपराधिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई कानून के तहत होनी चाहिए तथा इनके अपराध की सजा उनके परिवार व नजदीकी लोगों को नहीं मिलनी चाहिए। यह सब हमारी पार्टी की रही सरकार ने ’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’ (Rule of Law By Law) स्थापित करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर का भी इस्तेमाल अब सुप्रीम कोर्ट के आने वाले निर्णय के मुताबिक ही होना चाहिए। हालांकि उचित तो यही होगा कि इसका इस्तेमाल करने की जरूरत ही ना पड़े क्योंकि आपराधिक तत्वों को सख्त कानूनों के तहत् भी निपटा जा सकता है।

सभी सरकारें इस ओर जरूर ध्यान दें- मायवती

पूर्व सीएम मायवती ने कहा कि जबकि आपराधिक तत्वों के परिवार व नजदीकियों पर बुलडोजर का इस्तेमाल करने की बजाय सम्बन्धित अधिकारियों पर ही कठोर कार्यवाही होनी चाहिये, जो ऐसे तत्वों से मिलकर, पीड़ितों को सही न्याय नहीं देते हैं। सभी सरकारें इस ओर जरूर ध्यान दें।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox