तेज ओलावृष्टि, बारिश के कारण किसानों की सरसों, गेंहू व सब्जियों की फसल को हुआ भारी नुकसान

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 13, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

तेज ओलावृष्टि, बारिश के कारण किसानों की सरसों, गेंहू व सब्जियों की फसल को हुआ भारी नुकसान

हर्षित सैनी/रोहतक/नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/- कल आई तेज ओलावृष्टि व् बारिश के कारण किसानों की सरसों, गेंहू व सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। आज जिले के दर्जनों  गांंव के किसानोंं ने उपायुक्त कार्यालय पर एकत्रित होकर स्पेशल गिरदावरी करवाने व बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। जिला उपायुक्त आरएस वर्मा ने किसानों को गिरदावरी करवाने का आश्वासन दिया है। किसानों का कहना था कि अगर प्रशासन जल्द इस पर कोई कार्यवाही शुरू नहीं करता तो आगे आंदोलन भी किया जाएगा। किसान सभा पदाधिकारियों ने बताया कि बुधवार को हुई ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों की सरसों की फसल की तो इस महीने के लास्ट में कटाई शुरू हो जाती है, जो अब कई गांवों में बर्बाद हो चुकी है। इसी तरह गेंंहू की फसलों और सब्जियों को भी भारी नुकसानपहुंचा है।       

जिले के दर्जनों  गांंव के किसान उपायुक्त कार्यालय पर एकत्रित हुए होकर

उन्होंने बताया कि अचानक बारिश व ओलावृष्टि से रोहतक के दर्जनों गांवों शिमली, पहरावर, करोंथा, मायना, कारोर, खेड़ी साध, खरावड़, बालंद, सैमाण, फरमाना खास, भैणी चंद्रपाल, भैणी महाराजपुर व भंभेवा में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस वजह के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।        किसानों ने बताया कि सरकार से पीड़ित किसानों ने एकजुट हो नुकसान का तुरंत प्रभाव से जायजा लेने व 50000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है। इसके साथ ही मुआवजा मई महीने तक जारी किया जाए, इसके लिए प्रशासन से विशेष अपील की गई है।       उन्होंने बताया कि इन गांवों की रबी की फसल भी अक्टूबर महीने में बर्बाद हो गई थी व अब दोबारा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। अनेक किसान तो कर्जा लेकर खेती करने को मजबूर हैं। किसान सभा ने मुआवजा में देरी होने पर भी प्रशासन के सामने रोष प्रकट किया। उनका कहना था कि आज तक पिछले वर्ष 2017 व 2018 का मुआवजा नहीं मिला है। किसान बार-बार चक्कर काटने को मजबूर होते हैं। प्रशासनिक स्तर पर होने वाली इस देरी का खामियाजा किसानों को उठाना पड़ता है।         किसान नेताओं ने कहा कि आज एक तरफ सरकार की किसान विरोधी नीतियों की मार खेती करने वाला किसान झेल रहा है तो दूसरी तरफ मौसम व प्राकृतिक आपदा का भी शिकार होना पड़ता है। इसलिए किसान सभा जल्द से जल्द सरकार से किसानों के हित में फैसले लेने की मांग की है।       किसान सभा अध्यक्ष प्रीत सिंह ने बताया कि 7 मार्च को प्रदेश भर के किसान अपनी मांगों को लेकर जींद में बड़ी किसान एकता रैली करेंगे, जिसमें पिछले दिनों प्रदेश भर में व कल हुई भारी ओलावृष्टि से पहुंचे नुक्सान के बदले मुआवजा देने की मांग भी जोर शोर से उठाई जाएगी। इसलिए किसान सभा ने किसानों से रैली में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की भी अपील की है। इस मौके पर बलवान सिंह, दिनेश, कला मैना, जयदेव, सुमेर, आनन्द, अंग्रेज, प्रेम सिंह, नफे, भीमल व जय सिंह आदि शामिल थे।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox