बहादुरगढ़ में किसानों की मदद को आगे आये स्थानीय ग्रामीण, स्थानीय लोगों के समर्थन से बढ़ रहा किसानों का हौंसला

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 22, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बहादुरगढ़ में किसानों की मदद को आगे आये स्थानीय ग्रामीण, स्थानीय लोगों के समर्थन से बढ़ रहा किसानों का हौंसला

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/बहादुरगढ़ /शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- पिछले 6 दिन से कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर डटे किसानों का हौसला बनाये रखने व उनकी हर तरह से मदद करने के लिए बहादुरगढ़ मंडल के गांव अब आगे आने लगे है। स्थानीय ग्रामीण बाहर से आये किसानों के लिए न केवल खाद्य सामग्री की मदद कर रहे है बल्कि उनके लिए दूध व लस्सी के साथ-साथ पीने के पानी की भी निर्बाध सप्लाई दे रहे है। वैसे भी अब हरियाणा के कई खाप पंचायतें भी किसानों के समर्थन में आगे आ रही है। यह उसी का परिणाम है कि अब किसानों के लिए आम ग्रामीण भी पूरी मदद को तैयार दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के इसी समर्थन से अब बाहर से आये किसानों का हौंसला भी बढ़ता दिखाई दे रहा है और वो आर-पार के मूढ में दिखाई दे रहे हैं।
बहादुरगढ़ के नेशनल हाईवे एनएस-10 पर पिछले 6 दिन से पंजाब से आने वाले किसानों का काफिला बढ़ता ही जा रहा है। एनएच-10 पर जहां पहले दिन मात्र 20 से 25 ट्रैक्टर बार्डर के आसपास दिखाई दे रहे थे अब वही संख्या बढ़कर सैंकड़ों में हो गई है। टिकरी बार्डर से लेकर नये गांव तक एनएच-10 पर करीब 5 किलोमीटर तक किसानों के ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर दिखाई दे रहे हैं। सड़क पर किसानोें की दिनचर्या व बैठकों के दौर से ऐसा प्रतीत होता है मानों पंजाब सिमट कर बहादुरगढ़ में आ गया हो। जहां दो दिन पहले तक पंजाब के किसान कुछ सहमे हुए से दिखाई देते थे वही किसान अब गांवों का रूख कर रहे है। और स्थानीय लोगों से मिल रहे भरपूर समर्थन के बाद तो पंजाब के किसान अब और भी मजबूती से अपने आंदोलन को गति देने में लगे हैं।
खाप पंचायतों के समर्थन के बाद अब ग्रामीण भी पंजाब से आये किसानों की खुलकर मदद कर रहे हैं। कुछ किसान तो गांवों से लस्सी व दूध इक्टठा कर आंदोलन कारी किसानों तक पंहुचाने का काम भी कर रहे हैं। लोगों की माने तो ये किसान उनके लिए ही तो अपना घरबार छोड़कर आये है। लेकिन लोगों का आंदोलनकारी किसानों से यह भी आग्रह है कि वो सरकार की भी बात सुने और सरकार से बात करें ताकि तभी कोई सर्वमान्य हल सामने आ सके।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox