
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- 12 कक्षा में विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम आकलन पर बनी शंका की स्थिति का आज सरकार ने समाधान करते हुए अपनी नई नीति सर्वोच्च न्यायालय के सामने रख दी। जिसपर सर्वोच्च न्यायाल ने भी आखिर अपनी मोहर लगा दी है। अब स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद सरकार ने घोषणा की है कि सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षा के नतीजे 31 जुलाई तक घोषित कर दिये जायेंगे।
सरकार ने बताया कि सीबीएसई द्वारा सभी हितधारकों से व्यापक परामर्श के बाद यह नीति अपनाई गई है, जो विद्यार्थियों के हित में है। अंतिम परिणाम की गणना करते समय, कक्षा-10वीं के 3 सबसे अच्छे थ्योरी अंको का औसत, कक्षा- 11वीं की थ्योरी के 30ः का फीसदी वेटेज व कक्षा-12वीं की थ्योरी का 40ः फीसदी वेटेज लिया जाएगा। प्रैक्टिकल में दिए गए अंक जैसे हैं, वैसे ही लिए जाएंगे। सरकार ने बताया कि जो विद्यार्थी इस प्रक्रिया के तहत अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें स्थितियां अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। हमारी सरकार प्रत्येक स्थिति में शिक्षा से जुड़े सभी हित धारकों के हितों एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों के परिजनों ने बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों का परिणाम तैयार करने के लिए सीबीएसई की नीति एवं प्रक्रिया को संस्तुति प्रदान करने हेतु भारत के सर्वोच्च न्यायालय का बहुत-बहुत आभार प्रकट किया है।


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