15वीं हरियाणा विधानसभा के पहले सत्र को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने किया संबोधित, कहा- जन कल्याण पर केंद्रित निर्णयों का एक नया अध्याय शुरू करेगी

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October 10, 2026

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15वीं हरियाणा विधानसभा के पहले सत्र को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने किया संबोधित, कहा- जन कल्याण पर केंद्रित निर्णयों का एक नया अध्याय शुरू करेगी

मानसी शर्मा /- हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज 15वीं विधानसभा के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि एक दशक पहले के हरियाणा और आज के हरियाणा में अन्तर दर्पण की तरह साफ है। प्रदेश के नॉन-स्टॉप विकास के लिए अब अनुकूल वातावरण है। इसका अधिक से अधिक लाभ जनता को मिले, यह सभी सदस्यों का दायित्व है। उन्होंने सदस्यों का आह्वान किया कि विकसित हरियाणा-विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सदन के समय के पल-पल का सदुपयोग करते हुए जनहित को प्राथमिकता दें।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह सदन जनकल्याण के निर्णयों का नवीन अध्याय लिखेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि लोगों ने किसी सरकार पर लगातार तीसरी बार भरोसा जताया है। हरियाणा की यह विधानसभा कैसे निर्णय लेती है, क्या नीतियां बनाती है, इस पर पूरे प्रदेश की निगाहें रहेंगी। इस अनुकूल समय का अधिक से अधिक लाभ प्रदेश और इसकी जनता को मिले, यह दायित्व सदस्यों का है।

राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूलमंत्र को स्मरण करते हुए कहा कि हमारा हर फैसला इस बात पर निर्भर होना चाहिए कि उसका प्रभाव समाज के सबसे गरीब और कमजोर व्यक्ति पर क्या पडे़गा। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों ने हाल ही में सम्पन्न चुनाव प्रक्रिया में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और सदस्यों को अपने अधिकारों का पैरोकार बनाकर विधानसभा रूपी राज्य की इस सर्वोच्च पंचायत में भेजा है। विधायक के रूप में आप सभी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से करेंगे।

इस बार महिला विधायकों की संख्या करीब डेढ़ गुना बढ़ी

बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि 15वीं विधानसभा के 90सदस्यों में से 40सदस्य ऐसे हैं, जो पहली बार चुनकर आए हैं। 14वीं विधानसभा में नवरत्न रूपी 9महिला सदस्य ही चुनकर आई थीं। यह खुशी की बात है कि इस बार यह संख्या करीब डेढ़ गुणा बढ़कर 13हो गई है। उन्होंने कहा कि यह सदन पौने तीन करोड़ प्रदेशवासियों की आशाओं का ध्वजावाहक है। अब प्रत्येक विधायक की यह जिम्मेदारी है कि वह जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरे।

हरियाणा के इतिहास में पहली बार प्रदेशवासियों ने तीसरी बार लगातार राज्य सरकार पर जताया भरोसा

राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार को इन चुनावों में ऐतिहासिक और निर्णायक जनादेश मिला है। यह जनादेश सरकार की मौजूदा नीतियों और कार्यक्रमों में प्रदेशवासियों के अटूट विश्वास और निष्ठा की अभिव्यक्ति है। यह जनादेश दर्शाता है कि लोग भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन तथा सर्वसमावेशी विकास के पक्षधर हैं। यह जनादेश इस बात का प्रमाण है कि आमजन ने सरकार की नीतियों को पसंद किया है और उस पर अपनी सहमति व स्वीकृति की मुहर लगाई है। इन निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों के लिये राज्य के जागरूक मतदाता, भारत निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारी व कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।

इस बार का चुनाव नीति, नीयत, निष्ठा और निर्णयों पर विश्वास का चुनाव

बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि 2024का चुनाव नीति, नीयत, निष्ठा और निर्णयों पर विश्वास का चुनाव रहा है। राज्य सरकार ने 10वर्षों से सेवा, सुरक्षा, सुशासन, सहयोग और अंत्योदय उत्थान का जो मिशन चलाया है, यह उस पर समर्थन की मुहर है। यह जनादेश है कि हरियाणा को विकसित बनाने का काम नॉन-स्टॉप चलता रहे और हम अपने लक्ष्यों की प्राप्ति करें। राज्य के विकास से देश का विकास, इसी भावना के साथ सरकार आगे बढ़ती रहेगी।

उन्होंने कहा कि गत 10वर्षों में राज्य सरकार ने क्षेत्रवाद और परिवारवाद की संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर काम किया है। साथ ही, सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वावलंबन और स्वाभिमान पर बल देकर प्रदेश के विकास को नई ऊर्जा और नई गति दी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अन्त्योदय दर्शन न केवल सरकार का मार्गदर्शन कर रहा है, बल्कि ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक‘ का मूल मंत्र हर काम में झलक रहा है।

हरियाणा को देश का एक जीवंत, गतिशील और उदयमान राज्य बनाना प्रदेश सरकार की परिकल्पना

राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा को देश का एक जीवंत, गतिशील और उदयमान राज्य बनाना प्रदेश सरकार की परिकल्पना है। यह परिकल्पना ऐसे हरियाणा की है, जहां खेतों में भरपूर पैदावार हो, औद्योगिक विकास का पहिया निरंतर गतिशील रहे, युवाओं के लिए रोजगार के भरपूर अवसर हों, बहन-बेटियां सुरक्षित, सशक्त और स्वावलम्बी हों। एक ऐसा हरियाणा, जहां किसान को उसकी फसल का पूरा दाम मिले, हर हाथ को काम मिले, व्यापारी का कारोबार फले-फूले, जरूरतमंदों को तरक्की का पूरा लाभ मिले और कोई भी अपने को उपेक्षित अनुभव न करे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास व सबका विश्वास’ के मूलमंत्र पर चलते हुए प्रदेश में हर वर्ग को आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान किये हैं। प्रधानमंत्री ने गरीब, युवा, महिला व किसान को विकसित भारत के चार स्तम्भ माना है और वर्तमान राज्य सरकार ने इन स्तंभों को मजबूत करने की दिशा में अपनी नीतियां बनाई हैं। जब सरकार इस इच्छा शक्ति के साथ काम करे कि सरकारी योजना से एक भी पात्र व्यक्ति छूटे नहीं, तो खजाने से निकले हर पैसे का सदुपयोग जनहित में होता है।

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