गुरुग्राम जिला के 11 गांव हुए लाल डोरा मुक्त, अब दूसरे चरण में 49 गांवों का किया जा रहा है ड्रोन से सर्वे

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December 16, 2025

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गुरुग्राम जिला के 11 गांव हुए लाल डोरा मुक्त, अब दूसरे चरण में 49 गांवों का किया जा रहा है ड्रोन से सर्वे

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गुरुग्राम /नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- गुरुग्राम जिला में स्वामित्व योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत 11 गांवों को लाल डोरा मुक्त करने के बाद अब दूसरे चरण की शुरूआत हो चुकी है। इस दूसरे चरण में सोहना तहसील क्षेत्र के 49 गांवों में ‘सर्वे ऑफ इंडिया’ की मदद से ड्रोन से सर्वे करवाकर मैपिंग की जा रही है। उसके बाद ये गांव भी लाल डोरा मुक्त हो जाएंगे।
यह जानकारी आज उपायुक्त अमित खत्री ने स्वामित्व योजना के तहत जिला के गांवो को लाल डोरा मुक्त बनाने के लिए करवाए जा रहे ड्रोन सर्वे कार्य की समीक्षा को लेकर चंडीगढ़ मुख्यालय से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दी। यह वीडियों काॅन्फे्रंसिंग राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।
वीडियों कॉन्फ्रंेसिंग बैठक में उपायुक्त खत्री ने बताया कि गुरुग्राम जिला में गांवों को लाल डोरा मुक्त बनाने के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सोहना तहसील क्षेत्र के 11 गांवों को लिया गया था, जिनमें ड्रोन सर्वे व मैपिंग आदि का कार्य संपन्न होने के बाद वहां के लोगों को संपत्ति का मालिकाना हक संबंधी कागजात भी दे दिए गए हैं। इसके बाद सोहना तहसील क्षेत्र के ही बचे हुए 49 गांवों में ड्रोन सर्वे व मैपिंग का कार्य चल रहा है। अब तक 19 और गांवों में ड्रोन से सर्वे का कार्य हो चुका है और अन्य गांवों में सर्वे तथा मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। श्री खत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत गांवों को लाल डोरा मुक्त बनाने का कार्य गुरूग्राम जिला में सोहना तहसील क्षेत्र से शुरू किया गया है, जिसमें कुल 60 गांव आते हैं।
बैठक में चंडीगढ़ मुख्यालय से अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि जिला स्तर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस कार्य में और अधिक तेजी लाने के लिए सभी तहसील क्षेत्रों में सर्वे और मैपिंग कार्य के लिए अलग से अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे जिन्हें यह कार्य सही ढंग से संपन्न करवाने के लिए टेªनिंग भी दी जाएगी। उन्होंने सभी जिलों में इस कार्य को युद्धस्तर पर करवाने के आदेश दिए और कहा कि सभी अधिकारी अपने जिला में इस कार्य की प्रगति की समीक्षा हर शनिवार को करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सर्वे व मैपिंग कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई ना हो।
बैठक में उपस्थित विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल ने सभी जिला उपायुक्तों से कहा कि वे अपने-अपने जिला के गांवों को लाल डोरा मुक्त बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से तेजी से ड्रोन सर्वे करवाकर मैपिंग का कार्य करवाना सुनिश्चित करें। गांवों में सर्वे के अंतर्गत चूना मार्किंग का सही तरीके से लगाया जाना आवश्यक है जिससे एक बार में ही सर्वे का कार्य पूरा हो सके। गांवों में ड्रोन से सर्वे तथा मैपिंग का कार्य सर्वे ऑफ इंडिया की मदद से किया जा रहा है।
गौरतलब है कि स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को उनकी जमीन, प्लाट तथा रिहायशी मकान का मालिकाना हक दिया जा रहा है, जिसके लिए उन्हें दस्तावेज बनाकर दिए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों को दिखाकर ग्रामीण ना केवल अपना मालिकाना हक साबित कर सकेंगे बल्कि उनकी मदद से बैंक तथा वितीय संस्थाओं से ऋण आदि की सुविधा भी ले पाएंगे।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल, सर्वे ऑफ इंडिया से ले. जनरल गिरीश कुमार मुख्यालय पर उपस्थित थे जबकि गुरूग्राम में उपायुक्त अमित खत्री, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सरवान सहित कई अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

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